भोपाल। जिला अदालत में बुधवार को एक जमानतदार की हार्ट अटैक से मौत हो गई। उसका शव कोर्ट रूम के बाहर करीब तीन घंटे तक पड़ा रहा। परिजन के रोने, चीखने और मातम को देखने के लिए लोग आते रहे, लेकिन मदद किसी ने नहीं की। 60 वर्षीय नानूराम कोलार थाने के एक मामले में मजिस्ट्रेट वर्षा शर्मा की कोर्ट में जमानत देने के लिए आए थे।
नानूराम की मौत के तीन घंटे बाद फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम जिला अदालत पहुंची और कागजी खानापूर्ति के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोलार पुलिस ने वर्ष 2006 में पानी की किल्लत को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहीं दुर्गाबाई सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। दुर्गा बाई का गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद वह नानूराम के साथ जिला अदालत पहुंची थीं।
अदालत के आदेश के बाद नानूराम जमानत पेश करता, इसके पहले ही उसकी तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। एमपी नगर टीआई बृजेश भार्गव का कहना है कि उन्हें दोपहर 3.15 बजे घटना की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। थोड़ी देर बाद एंबुलेंस 108 भी पहुंच गई। इसके बाद एफएसएल को बुलाया गया।
अदालत में हुई घटना दु:खद है। कोर्ट परिसर में आकस्मिक चिकित्सा की कोई व्यवस्था नहीं है, जो कि तुरंत होनी चाहिए। इसके लिए गुरुवार को सत्र न्यायाधीश से मुलाकात कर मांग की जाएगी।
विजय चौधरी
एडवोकेट
मेंबर स्टेट बार कौंसिल