
अब पढ़िए सरकारी भाषा में घटना का विवरण:-
कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार परिक्षेत्र में बीट गार्ड और श्रमिक गश्ती के दौरान एक बाघ मृत अवस्था में मिला है। संभवत: इस बाघ की मृत्यु अन्य बाघ से लड़ाई के दौरान हुई है सूचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुँचे वन्य-प्राणी चिकित्सक और वन अधिकारियों को वन मार्ग के किनारे मृत बाघ के खून के धब्बे, खरोचने, कुरेदने के साक्ष्य और 20 मीटर की दूरी पर अन्य बाघ द्वारा अधखाया शव मिला।
कान्हा वन प्रबंधन ने इस बाघ की पहचान तीन वर्ष के युवा बाघ के रूप में की है, जो संभवत: हाल ही में अपनी माँ से अलग हुआ है। बाघ को शायद बुंदेला-बेहरा क्षेत्र के टेरिटोरियल नर बाघ द्वारा मारा गया है। वन्य-प्राणी चिकित्सक द्वारा बाघ का शव परीक्षण कर शारीरिक अवयवों को फॉरेन्सिक जाँच के लिये सुरक्षित रखते हुए शेष शरीर का दाह-संस्कार कर दिया गया है। इसके अलावा डॉग स्कवॉड जबलपुर से सम्पूर्ण घटना-स्थल की सघन कॉम्बिंग करवायी जा रही है।