इंदौर। देवी अहिल्याबाई एयरपोर्ट पर एक ट्रक सनसनाता जा घुसा। सिपाही ने रोकना चाहा लेकिन नहीं रुका तो अलर्ट जारी किया और जवानों ने ट्रक को चारों तरफ से घेर लिया। आतंकी हमले की आशंका के चलते बम स्क्वाड मंगवाई गई परंतु देखा तो ट्रक के टायर में 2 युवकों की लाशों के लौथड़े फंसे थे। ट्रक चालक उन्हें करीब 250 मीटर से घसीटता हुआ ला रहा था।
एयरपोर्ट परिसर में एक जगह ट्रक को तेजी से ब्रेक लगाए तो दोनों के शव का कुछ हिस्सा गिरा। एक भाई का सिर टायर में फंसा रहा। देर रात को ड्राइवर गोर्वधन को गिरफ्तार कर लिया गया। दुर्घटना में मारे गए युवक शुभम राठौर (18) और विशाल मालवीय (15) छोटी खजरानी में रहते थे। बिजासन में दर्शन कर वे बांगड़दा स्थित मौसी के घर से लौट रहे थे।
3 मिनट में हुए इस पूरे वाकये में एयरपोर्ट की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। एयरपोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार पर पुलिस या सीआईएसएफ का कोई जवान तैनात नहीं था। ना ही गेट पर ताला लगा था। गेट पर सीआईएसएफ ने एक चेकपोस्ट बना रखी है, लेकिन ये खाली पड़ी थी। अब अलग-अलग महकमों के अफसर जिम्मेदारी एक-दूसरे पर थोप रहे हैं।
सीआईएसएफ का कहना है कि एयरपोर्ट का ऑपरेशनल एरिया और बिल्डिंग एरिया उनकी सुरक्षा में है। गेट से लेकर पार्किंग तक का पूरा भाग सिटी एरिया में आता है, जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। पुलिस अधिकारी यह कहकर हाथ झाड़ रहे हैं कि सुरक्षा के लिए चार जवान दिन के समय में तैनात रहते हैं और रात के समय वहां पुलिस टीम गश्त करती है।
तर्क यह भी दिया जा रहा है क यह समय एयरपोर्ट बंद रहने का है। इस दौरान वहां यात्री नहीं होते हैं, इसिलए ज्यादा फोर्स तैनात नहीं रहता है। घटना अगर दिन के समय होती तो ट्रक अंदर प्रवेश नहीं कर पाता।
अब बोले- गेट पर रात में ताला लगेगा, बाउंड्रीवॉल ऊंची करेंगे
इस घटना के बाद हमने बैठक कर तय किया है कि गेट पर स्थाई तौर पर जवान की तैनाती के लिए सीआईएसएफ और पुलिस से चर्चा करेंगे। अगर वे तैयार नहीं होते हैं तो यहां निजी गार्ड लगाकर गेट पर ताला लगवाया जाएगा। रोड की डिजाइन को लेकर निगम से चर्चा की जाएगी। बाउंड्रीवॉल और गेट को भी और ज्यादा सुरक्षित बनाया जाएगा।
मनोज चंसोरिया, एयरपोर्ट डायरेक्टर
ट्रक चालक गिरफ्तार
एयरपोर्ट के सामने दो युवकों को कुचलने वाले ड्राइवर गोरधन पिता रिचा सिंह भिलाला (23)नि. गुवाड़ी थाना बागली को देर रात एरोड्रम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चालक घटना से घबराकर बिजासन माता मंदिर की ओर चला गया था। वहां से अपने गांव निकल गया। वहीं ट्रांसपोर्टर अनीश ठक्कर ने उसे शाम को थाने लाकर पेश किया तो पुलिस ने गिरफ्तारी ले ली। एएसपी आदित्य प्रताप सिंह ने बताया परिसर के बाहर की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
चालक बोला-हादसे से घबराकर एयरपोर्ट में घुसा दी ट्रक
मैं ट्रक लेकर जा रहा था, तभी बच्चे अचानक बाइक से सामने आ गए। एक पहिए में आया तो मैं घबरा गया और गाड़ी एयरपोर्ट में घुसा दी। मुझे लगा की हाई-वे का रास्ता है। घबराहट में गाड़ी वहीं छोड़कर मैं बिजासन के आगे भाग गया था।
गोरधन-ड्राइवर
बेटे का चेहरा भी नहीं देख सके फौजी पिता
विशाल और शुभम का दोपहर में जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन ने अंतिम संस्कार कर दिया। विशाल के पिता को हादसे की सूचना दी तो वे जम्मू से इंदौर आने के लिए निकले, लेकिन वे अंतिम संस्कार तक नहीं पहुंचे सके। बेटे का आखिरी बार चेहरा भी नहीं देख सके। घटना के बाद पूरा परिवार गमगीन है।
90 डिग्री के खतरनाक मोड़ से होते हैं हादसे
जिस स्थान पर ये हादसा हुआ है। यहां 90 डिग्री का खतरनाक मोड़ आता है। एक रास्ता सीधे एयरपोर्ट परिसर के लिए निकलता है। वहीं 90 डिग्री का टर्न लेने वाला मार्ग गांधी नगर को जाता है। यहां मार्ग संकेतक और दिशा निर्देश न होने से ट्रक चालक मोती सिंह (26) निवासी बागली एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग को हाइवे समझकर परिसर में ट्रक ले घुसा था। इसी कारण इस मोड़ पर ज्यादातर हादसों में मौत होती है। बीते साल से अब तक यहां चार मौत हो चुकी है।
लहसुन की गंध को विस्फोटक समझे अधिकारी
एयरपोर्ट परिसर में ट्रक के घुसने के बाद हरकत में आए सीआईएसएफ और पुलिस ने पहले घटना को आतंकी हमले की तरह लिया। यदि चालक ट्रक को टर्मिनल के आस-पास मोड़ता तो सुरक्षा के लिए तैनात स्नाइफर शूटर उसे गोलियों से भून डालते। एयरपोर्ट के मुख्य सुरक्षा अधिकारी हरेंद्र नारायण ने बताया परिसर में ट्रक घुसने पर सभी जवान फायरिंग की पोजिशन पर थे।
जब हमने ट्रक को घेरा तो उसमें से लहसुन की गंध ने हमें चौंकाया, लगा कोई विस्फोटक तो नहीं है। गंध के कारण ही हमने तत्काल बम डिस्पोजल स्क्वॉड को भी कॉल कर दिया था। वहीं सुबह ट्रक के मालिक अनीश ठक्कर भी पहुंचे, उन्होंने बताया उनका अमर ज्योति ट्रांसपोर्ट है। चालक उज्जैन से लहसुन भरवाकर रायपुर ले जा रहा था। ट्रक में 40 हजार रुपए नकद और दस्तावेज भी थे, जो नहीं मिले।
इस बीच ये भी हुआ...
परिसर में ट्रक को देख पावर हाउस पर तैनात जवान डीआरएस टेकम चिल्लाया, बंदूक भी तानी।
ट्रक नहीं रुका तो टेकम ने अलर्ट जारी किया।
चेकपोस्ट में तैनात एएआई देवसाई ने ट्रक के पीछे दौड़ लगाई।