नई दिल्ली। रेलों में किराया बढ़ाने एवं सुविधाओं के लचर हो जाने का असर दिखाई देने लगा है। छोटी दूरी के यात्रियों ने रेल को नकार दिया और सड़क मार्ग से जाना पसंद कर रहे हैं। इस श्रेणी में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि यह अलार्मिंग सिचुएशन है परंतु जिम्मेदार खुश हैं कि लम्बी यात्राओं के लिए लोग आज भी रेल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उत्तरी रेलवे के सहायक महाप्रबंधक एस के अग्रवाल ने माना है कि अनारक्षित श्रेणी में यात्रियों की संख्या में कमी आई है। उन्होंने कहा कि आरक्षित श्रेणी में यात्रियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अनारक्षित श्रेणी में इसमें कमी आई है। छोटी दूरी के लिए रेल यात्रियों की संख्या में कमी आई है। मसलन 100 से 125 किलोमीटर की यात्रा के लिए ट्रेन यात्रियों की संख्या घट रही हैं।