भोपाल। मध्यप्रदेश के इंदौर जिले के दो प्राथमिक स्कूलों में शुक्रवार को मध्यान्ह भोजन के दौरान सांची पाउडर से तैयार सुगंधित दूध पीने के बाद करीब 70 बच्चे बीमार पड़ गये और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
प्रशासन को प्राथमिक जांच से पता चला है कि स्कूली बच्चों को परोसा गया सुगंधित दूध दूषित पानी के इस्तेमाल से तैयार किया गया था।
जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर चंद्रावतीगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रमुख डॉ. प्रयंक मंडलोई ने बताया, 'चंद्रावतीगंज के दो प्राथमिक स्कूलों के करीब 70 बच्चे हमारे अस्पताल पहुंचे। इन बच्चों ने अपने स्कूल में मध्यान्ह भोजन के दौरान सुगंधित दूध पीने के बाद चक्कर आने और पेट दर्द की शिकायत की. इन बीमार बच्चों की उम्र पांच से 11 साल के बीच है।'
उन्होंने बताया कि इस मामले की जानकारी मिलने के बाद चिकित्सकों का एक दल चंद्रावतीगंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। करीब पांच घंटे के इलाज के बाद सभी 70 बच्चों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी।
इस बीच, जिलाधिकारी पी. नरहरि ने बताया, 'हमारी प्राथमिक जांच में पता चला है कि चंद्रावतीगंज के दोनों प्राथमिक स्कूलों में सुगंधित दूध तैयार करने के लिये दूषित पानी का इस्तेमाल किया गया था।'
उन्होंने बताया कि मामले में विस्तृत जांच जारी है और दोषी लोगों के खिलाफ उचित कदम उठाये जायेंगे।
महिला और बाल विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों प्राथमिक स्कूलों में मध्यान्ह भोजन के दौरान बच्चों को जो सुगंधित दूध परोसा गया, वह मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन के ब्रांड 'सांची' के दूध पाउडर से तैयार किया गया था।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को मध्यान्ह भोजन के दौरान सुगंधित दूध परोसने का प्रयोग महीने भर पहले ही शुरू किया था।