भोपाल। स्कूल शिक्षा मंत्री पारस जैन का मानना है कि सरकारी विद्यालयों की जमीन पर से अतिक्रमण हटाने को लेकर कलेक्टर गंभीर नहीं है। इनकी लापरवाही को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि को स्कूल का अतिक्रमण हटवाने के लिए एक्टिव होना होगा और अफसरों पर दवाब बनाना होगा। विद्यालयों की बाउंड्री वॉल बनाने के लिए राज्य सरकार ने केन्द्र से राशि की मांग की है।
मंत्री जैन ने कहा कि अपर सचिव स्कूल शिक्षा एसआर मोहंती विद्यालयों में हुए अतिक्रमण हटाने के मामले में गंभीर हैं। उन्होंने कलेक्टर्स को कई बार लिखा है पर अधिकांश कलेक्टर इसको लेकर गंभीर नहीं हैं। इसी कारण वे चाहते हैं कि स्थानीय जनप्रतिनिधि कलेक्टर और एसडीएम पर अतिक्रमण हटाने के लिए दबाव बनाएं। ऐसे में अधिकारी कार्रवाई से इनकार नहीं कर पाएंगे। विद्यालयों की बाउंड्री वॉल बनवाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसके लिए केन्द्र सरकार से मांग की गई है और राशि मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा। जैन ने कहा कि कई जिलों में कई स्कूल ऐसे भी हैं जो एक बीघा तक जमीन वाले हैं तो कई जगह बहुत छोटे भी हैं। इसे ध्यान देते हुए राशि मांगने का प्रस्ताव भेजा गया है।
अतिथि शिक्षक पढ़ाएंगे अंग्रेजी
प्रदेश के विद्यालयों में अंग्रेजी पढ़ाने के लिए शिक्षकों की कमी के मामले में जैन ने कहा कि जिन विद्यालयों में ऐसे टीचर हैं, वहां से एडजस्ट किए जाएंगे। इसके अलावा जहां ज्यादा जरूरत होगी वहां अतिथि शिक्षक रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। फीस रेगुलेशन कमेटी के मामले में स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर कमेटी बन गई है पर अभी उसकी सिफारिशें नहीं आ सकी हैं।
कमेटी बनाकर काम करे
मंत्री जैन ने स्कूल कैम्पस के पास 100 मीटर के दायरे में सिगरेट, तम्बाकू के उत्पादों की बिक्री होने के मामले में कहा कि इसे रोकना एसडीएम की जिम्मेदारी है। एसडीएम की अध्यक्षता में इसके लिए एक कमेटी बनाकर काम करना होगा। इसके लिए प्राचार्यों को भी जिम्मेदार बताते हुए लिखा गया था कि एसडीएम से संपर्क कर ऐसी गुमटिया हटवाएं जो बच्चों के लिए नुकसान का कारण बन रही हैं। इस मामले में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है।
भुगतान कब फिलहाल तय नहीं
अशासकीय शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर अप्रेल से वेतन और एरियर्स की राशि नहीं दे पाने के मामले में जैन ने कहा कि इसका खर्च बहुत है। भुगतान नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के मामले में जवाब जैन टाल गए। उनका कहना है कि सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है पर समय नहीं बताया जा सकता।
डीएड की अनिवार्य अवधि घटाने केन्द्र को लिखेंगे
स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने वर्ष 2015 तक सभी सरकारी व निजी स्कूलों में टीचर्स के लिए डीएड अनिवार्य किया है। प्रदेश में कई अशासकीय विद्यालय और शासकीय विद्यालयों में अभी इसकी भरपाई नहीं हो सकी है। ऐसे में केन्द्र सरकार से इस अवधि को दो साल और बढ़ाने के लिए पत्र लिखा जाएगा।