मदनगंज-किशनगढ़/राजस्थान। यहां पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान गंगानगर के कलेक्टर की लालबत्ती लगी कार को पकड़ा। इस कार में कलेक्टर नहीं थे बल्कि कोई दूसरे ही यात्री थे। वो खुद को कलेक्टर का रिश्तेदार बता रहे थे और पूछताछ से बचने के लिए उन्होंने कलेक्टर के पीए से पुलिस की बात कराई। उसके बाद पुलिस ने कार को छोड़ दिया।
शुक्रवार देर शाम हनुमानगढ़ मेगा हाइवे पर पुलिस एक फरार बदमाश की तलाश में नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान गंगानगर कलेक्टर की कार की जांच की गई। ड्रायवर ने बताया कि वो सवारी को जयपुर छोड़ने गए थे, वहीं से वापस गंगानगर जा रहे हैं।
क्या है नियम
सरकारी वाहन का उपयोग केवल सरकारी कार्य के लिए ही किया जा सकता है।
बत्ती वाली गाड़ियों में जब अधिकारी ना हो तो बत्ती को ढंका हुआ होना चाहिए।
नियम तोड़ने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।