
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट को फटकार लगाते हुए कहा था कि, ‘हमें कानून का पालन करना आता है और कानून अपना काम करेगा.’ सुप्रीम बैठक की यह तल्ख़ टिप्पणी यूपी सरकार द्वारा किसी एक नाम पर सहमती न बन पाने के बाद आई थी.
मंगलवार और बुधवार सुबह हुए लोकायुक्त चयन समिति की बैठक बेनतीजा रहने के बाद यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बैठक में पांच नामों पर चर्चा हुई. जिसके बाद कोर्ट ने उन पांच नामों के साथ यूपी सरकार के वकील को 12.30 बजे उपस्थित होने को कहा था.
सुप्रीम ने उन पांच नामों में से 1977 बैच के पीसीएस-जे वीरेंद्र सिंह को यूपी का नया लोकायुक्त नियुक्त किया. यूपी के मेरठ जिले के रहने वाले विरेन्द्र सिंह 2009 से 2011 तक इलाहबाद हाई कोर्ट के जज रह चुके हैं.