
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को इसके खिलाफ याचिका दायर करने का निर्णय लिया। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि आखिरी वक्त पर लिए गए इस फैसले से इस साल काफी संख्या में स्टूडेंट्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उनकी सरकार समीक्षा याचिका दायर करेगी। हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस फैसल का स्वागत किया और कहा कि यह एक मील का पत्थर वाला फैसला है।
इसी साल से NEET का आयोजन
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और केंद्र सरकार की तैयारी के तहत इसी साल से NEET (राष्ट्रीय योग्यता प्रवेश परीक्षा) का आयोजन होगा। केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दिए गए प्रस्ताव को मंजूरी भी मिल गई है। इसके तहत 1 मई को प्रस्तावित एआईपीएमटी की मेडिकल परीक्षा ही नीट के पहले फेज की परीक्षा होगी।
केंद्र सरकार ने कोर्ट को ये भी बताया कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और सीबीएसई ही नीट का पूरा आयोजन करेंगे जो अभी तक एआईपीएमटी की परीक्षा आयोजित कराते थे। नीट की परीक्षा दो चरणों में होगी। पहले चरण की परीक्षा एक मई को जबकि दूसरे चरण की परीक्षा 24 जुलाई को कराई जाएगी।
पहले अयोग्य घोषित हो चुका है NEET
साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने नीट को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया था। लेकिन 11 अप्रैल को पांच जजों की बेंच ने इस फैसले को पलट दिया। इसके साथ ही केंद्र सरकार और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को देशभर में एक मेडिकल परीक्षा कराने की इजाजत दी। हालांकि कोर्ट ने अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं दिया है लेकिन साथ ही परीक्षा कराने की इजाजत भी दे दी थी। लेकिन परीक्षा न करा पाने के बाद संकल्प नाम के गैर सरकारी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाया।