
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में माल्या ने कहा, मुझे जबरन निर्वासित कर दिया गया है। मैं बैंकों के साथ बात करने और पैसा लौटाने को तैयार था, लेकिन मेरे प्रस्ताव पर विचार नहीं किया गया। मैं यूके छोड़कर कहीं जाऊंगा, लेकिन जिस तरह का बर्ताव किया जा रहा है, उससे कुछ नहीं होने वाला।
बकौल माल्या, कर्ज चुकाने केे लिए हम हमेशा बैंकों से बात करते आए हैं। हम सभी मामले निपटाना चाहते हैं। हम जितना पैसा चुका सकते हैं, उसी आधार पर तो सैटलमेंट हो सकता है। इससे पहले के सैटलमेंट के आधार पर बैंक इस बात को जांच सकते हैं।
मालूम हो, जांच एजेंसियों की पकड़ से दूर भाग रहे शराब कारोबारी माल्या के लिए आगे बच पाना मुश्किल हो जाएगा। भारत सरकार ने माल्या को लाने के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिया है। इस सिलसिले में विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ब्रिटेन के उच्चायोग को पत्र लिखकर माल्या को प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने गुरुवार को कहा कि ब्रिटेन के उच्चायोग को पत्र लिखकर विजय माल्या के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया गया है। स्वरूप ने कहा कि लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने मौखिक रूप से यह सूचना ब्रिटेन के विदेश और कॉमनवेल्थ कार्यालय को भी दी है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले पर लगातार ब्रिटिश अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं।