
मप्र शिक्षक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रसीद खाॅन साविर एवं जिला सचिव राजेन्द्र जैन ने संयुक्त रूप से ज्ञापन के हवाले से वताया कि संघ के प्रांतीय आव्हान पर आज जिला मुख्यालय पर डीईओ कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया गया। जहां से सैंकड़ों की संख्या में उपस्थित शिक्षक रैली निकाल कलेक्टोरेट पहुॅचे। उन्होने जिलाधीष की ओर से डिप्टी कलेक्टर सी.बी.प्रसाद को अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से महेश भार्गव प्रांतीय सचिव, श्रीमती रवीन्द्र कौर माटा, कल्याण चन्द्र वर्मा, अरविन्द जैन, शक्तिस्वरूप पाराषर, मजीद कुर्रेशी, कैलाश नारायण भार्गव, गोविन्द प्रसाद शर्मा, रफीक खांन आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
अन्य कर्मचारी संघों के पदाधिकारियों ने दिया धरना आंदोलन को समर्थन
राज्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अजमेर सिंह यादव एवं राजपत्रित अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष अषोक शर्मा, अध्यापकों की ओर से राजकुमार सरैया, सुनील वर्मा आदि ने धरना स्थल पर पहुॅचकर धरना आंदोलक का समर्थन किया।
- ये हैं प्रमुख मांगें
- अन्य कर्मचारियों अधिकारियों की भांति समयमान वेतन दिया जाये,
- वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति एवं प्राप्त वेतनमान के अनुरूप पदनाम देने,
- अध्यापक संवर्ग को शिक्षा विभाग में सम्मिलित किया जाये,
- अनुकम्पा नियुक्ति में लगाई शर्तों को हटाया जाये,
- सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत किया जाये,
- प्रतिनियुक्तियों पर लिया जाये उम्र बंधन को समाप्त किया जाये,
- ग्रीष्म अवकाश के बदले 15 दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाये।
अनूपपुर में भी हुआ प्रदर्शन
राजेश शुक्ला/अनूपपुर। मप्र शिक्षक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पुरूषोत्तम पटेल ने 29 अप्रैल को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को 7 सूत्रिय मांगो के निराकरण के संबंध में ज्ञापन सौपते हुए बताया कि म.प्र. शिक्षक कांग्रेस द्वारा विगत वर्षो में शिक्षको की समस्याओं के निराकरण हेतु अनेको बार ज्ञापन सौपे गए है, लेकिन कोई सामाधान नही होने से शिक्षको में निराशा है।
जिस पर उन्होने अन्य संवर्गीय कर्मचारियों/ अधिकारियों की भांति शिक्षक संवर्ग (सहायक शिक्षक, शिक्षक, प्रधानाध्यापक) को भी समयमान वेतनमान दिए जाने, नियमित शिक्षक संवर्ग के वरिष्ठ एवं अनुभवी सहायक शिक्षकको एवं प्रधानाध्यपको की सेवा वरिष्ठता के आधार पर उन्हे पदोन्नत किए जाने तथा प्राप्त हो रहे वेतनमान के अनुरूप पदनाम दिए जाने, शिक्षको के परिजनो के अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरण में लगाई गई शर्ते निरस्त किए जाने क्योकि किसी भी शिक्षक को पूर्व से यह पता नही होता कि उसकी आकस्मिक मृत्यु होगी और वह अपने परिजनो को डीएड, बीएड प्रशिक्षण तथा पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करा सके। वहीं अध्यापक संवर्ग को शिक्षा विभाग में संविलियन किया जाए, सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत किया जावे, अभी छात्र संख्या के आधार पर प्रधानाध्यापक का पद स्वीकृत किया जा रहा है अत: छात्र संख्या १०० या १५० के बंधन को समाप्त किया जावे, जन शिक्षक एवं विकासखंड अकादमिक समन्वयक के पदो पर नियमित शिक्षक संवर्ग के शिक्षको को प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने का अवसर प्राप्त करने हेतु उनकी उम्र सीमा ४९ वर्ष तक को शिथिल करते हुए सभी को कार्यका अवसर दिए जाने के साथ ही सभी शिक्षको को ग्रीष्म अवकाश के बदले १५ दिवस का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाए।