
अधिकृत तौर पर कहा जा रहा है कि शिवराज ने भागवत को सिंहस्थ के लिए न्यौता दिया लेकिन जहां तक अपनेराम की याद्दाश्त काम करती है। शिवराज कुछ रोज पहले भी भागवत को सिंहस्थ के लिए न्यौत आए थे। खबर यह है कि शिवराज को केशव कुंज की ओर से मेनन के लिए आश्वस्त किया गया था परंतु अचानक वो सबकुछ हो गया जो उन्होंने कभी प्रभात झा के साथ किया था। शिवराज इसी सिलसिले में नागपुर गए थे। लौटते मेनन को बचाने का यह अंतिम प्रयास था।