
एक संवाददाता सम्मेलन में रूपानी ने बताया कि राज्य के वैसे परिवार जिनकी वार्षिक आय छह लाख रुपये से कम है, वे इस आरक्षण का लाभ उठा सकते हैं। आर्थिक आधार पर सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को आरक्षण देने पर लंबे समय से विचार किया जा रहा था, जिस पर अब कार्रवाई की जा रही है। घोषणा के समय मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल और वरिष्ठ मंत्री नितिन पटेल भी मौजूद थे। आरक्षण देने का निर्णय भाजपा की राज्य इकाई के कोर ग्रुप की बैठक में लिया गया जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी शामिल हुए।
चुनाव हारने के बाद आई सामान्य वर्ग की याद
भाजपा को हाल में हुए ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों में भारी नुकसान हुआ है जिसके लिए पटेल आरक्षण आंदोलन को जिम्मेदार माना जा रहा है। आरक्षण देने का निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब पार्टी स्थानीय निकाय के हाल के परिणामों के कारण चिंतित है। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।