
तीस जून के बाद मध्यप्रदेश पुलिस की अगली कमान एमपी पुलिस हाउासिंग कॉर्पोरेशन के चेयरमैन ऋषि कुमार शुक्ला के हाथ में हो सकती है। सबकुछ ठीक चला, तो जल्द ही राज्य सरकार की तरफ सबसे पहले शुक्ला को ओएसडी बनाया जाएगा और 30 जून के आसपास वर्तमान डीजीपी सुरेंद्र सिंह के रिटायर्ड होने तक नए डीजीपी के आदेश जारी हो सकते हैं।
दिल्ली जाने से रोका था
सूत्रों ने बताया कि सीनियर लेवल पर शुक्ला का नाम सबसे ऊपर है। दो साल पहले शुक्ला दिल्ली प्रतिनियुक्ति पर जा रहे थे, लेकिन सरकार ने उन्हें सुरेंद्र सिंह के बाद अगला डीजीपी बनाने का भरोसा देकर रोका। शुक्ला एमपी पुलिस में इंटेलीजेंस के साथ होमगार्ड और तमाम महत्वपूर्ण पद पर रह चुके हैं। वर्तमान समय में शुक्ला ने पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन में बेहतर काम कर रहे हैं।
तेज तर्रार और ईमानदार
ऋषि कुमार शुक्ला तेज-तर्राट कामकाज और ईमानदार छवि के कारण जाने जाते हैं। साथ ही लंबी सर्विस के दौरान शुक्ला का अभी भी विवादों से नाता नहीं रहा। 30 जून में सेवानिवृत्त हो रहे 1980 बैच के अफसर सुरेंद्र सिंह के बाद अगले कनिष्ठ अफसरों के बीच तीन बैच का अंतर हैं। ऐसे में सुरेंद्र सिंह की सेवानिवृत्ति के पूर्व अगले पुलिस मुखिया के लिए तीन अफसरों का पैनल बनाया गया।
2020 तक रहेंगे पद पर
इस पैनल में 1983 बैच के आईपीएस डीएम मित्रा, ऋषिकुमार शुक्ला और 1984 बैच के अफसर विजय कुमार सिंह के नाम है। डीएम मित्रा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर एनसीआरबी दिल्ली में ज्वाइंट डायरेक्टर हैं। ऐसे में वरिष्ठता के आधार ऋषिकुमार शुक्ला का ही डीजीपी बनना तय माना जा रहा है। शुक्ला अगस्त 2020 तक प्रदेश मुखिया के पद पर रहेंगे। अभी 30 जून में करीब एक महीना का समय है, लेकिन परंपरा के आधार पर डीजीपी सुरेंद्र सिंह के रिटायरमेंट से पहले ही ऋषि कुमार शुक्ला को ओएसडी बनाया जाएगा।