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गर्ल्स हॉस्टल में रह रही स्टूडेंट सृष्टि उइके ने वुमन कमीशन की प्रेसिडेंट लता वानखेड़े को आपबीती सुनाई। सृष्टि कहती हैं कि 2011 में पॉलिटेक्निक की पढ़ाई के लिए भोपाल आई थी। कलेक्टर निशांत वरवड़े की परमिशन से गर्ल्स हॉस्टल में रह रही हूं। हॉस्टल में रहने वाली दो सीनियर स्टूडेंट प्रीति और सीमा शाक्य भोपाल की ही रहने वाली हैं। पिछले 8 साल से हॉस्टल में रह रही हैं। जूनियर स्टूडेंट्स से खाना बनवाती हैं। झाडू लगवाती हैं। कपड़े भी जूनियर छात्राएं धोती हैं। दोनों की 100 से ज्यादा बार वार्डन, आदमजाति कल्याण विभाग, श्यामला हिल्स थाने में शिकायत हो चुकी हैं। कोई एक्शन नहीं लिया गया।
तीन महीने पहले मुझसे खाना नहीं बनाने की बात पर मारपीट शुरू कर दी। लातों से मारा। सब देखते रहे। वार्डन से गुहार लगाई लेकिन किसी ने मेरा साथ नहीं दिया। सबके सामने मेरे कपड़े फाड़े गए। मैं चीखती रही। आए दिन दोनों मर्डर कराने की धमकी देती हैं। वार्डन दोनों के साथ हैं। इसलिए यह बातें हाॅस्टल के बाहर नहीं जाती हैं। अब मेरी सुरक्षा की जिम्मेदारी आपके हाथ में है।