
बैठक में शामिल होने आए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल ने मिलने का समय मांगा है। ऑल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल के लोगों ने रविवार शाम को आरएसएस के बैठक स्थल पर पहुंचकर भागवत जी मिलने का समय देने के लिए एक पत्र भी स्वयंसेवकों को दिया। इस पत्र के माध्यम से काउंसिल ने आरएसएस प्रमुख से सवाल पूछे हैं।
आरएसएस से सवाल-
1- आप हम मुसलमानों से कैसा राष्ट्र प्रेम चाहते हैं?
2- धर्म परिवर्तन पर आरएसएस का विचार क्या है?
3- आप इस्लाम के बारे में क्या जानते-समझते है?
4- आरएसएस क्या देश को हिंदू राष्ट्र बनना चाहता है?
5- इस्लाम से संघ क्या चाहता है?
6-आरएसएस भारत को हिंदू राष्ट्र मानता है तो क्या वो हिंदू धर्मग्रंथ के अनुसार देश चालान चाहते हैं?
6 दिन चलेगा शिविर
गंगा किनारे आरएसएस के इस बड़े शिविर में प्रांत प्रचारकों का 6 दिनों का प्रशिक्षण शिविर चलेगा. इस कार्यक्रम में संघ के सभी प्रांत प्रचारक और सह प्रांत प्रचारक हिस्सा ले रहे है. प्रांत प्रचारकों की ये बैठक हर 5 साल पर होती जो इस बार तीन दिनों के इस समर ट्रेनिंग कैंप के साथ ही हो रही है.
शिविर का एजेंडा स्पष्ट नहीं
संघ प्रमुख मोहन भागवत के अलावा सरकार्यवाह सुरेश सोनी, गोपाल कृष्ण, दत्तात्रेय होसबोले समेत संघ के सभी बड़े अधिकारी इस बैठक में रहेंगे. सोमवार से लगभग 41 प्रांत प्रचारक संघ के इस महाकुंभ का हिस्सा होंगे, जिसमें उनके कामों की समीक्षा की जाएगी। 11-12 और 13 जुलाई को प्रांत प्रचारकों का प्रशिक्षण वर्ग चलेगा, जबकि 14 और 15 जुलाई को संघ के क्षेत्रीय अधिकारी और अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारियों का प्रशिक्षण होगा। इस 6 दिन के कार्यक्रम में कुल 150 स्वयंसेवक शामिल होंगे, जिसमें 75 सह प्रांत प्रचारक भी होंगे। संघ शिविर का एजेंडा अभी तक साफ नहीं है लेकिन उत्तर प्रदेश चुनाव के पहले संघ का यह सबसे बड़ा शिविर इस बात की ओर इशारा जरूर करता है कि उत्तर प्रदेश चुनाव शिविर के एजेंडे में प्रमुख रूप से होगा।
प्रचारक रखेंगे रिपोर्ट कार्ड
संघ की ये सांगठनिक और वैचारिक बैठक है जो कि अनौपचारिक है इसलिए संघ इसमें कोई प्रस्ताव न तो लाएगा न ही कोई प्रस्ताव पास करेगा. लेकिन संगठन में फैसले के लिहाज से काफी महत्त्वपूर्ण बैठक होगी इसमें लिए गए फैसले यूपी चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे. इस शिविर देशभर से आए प्रचारक और सह प्रचारक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के सामने रिपोर्ट कार्ड रखेंगे.
सुरेश सोनी की होगी वापसी
पिछले दो सालों से संघ में छुट्टी पर चल रहे सर कार्यवाह सुरेश सोनी का वनवास खत्म होगा और वो फिर से अहम भूमिका निभाएंगे. गौरतलब है कि 2014 में आम चुनावों के परिणाम तक सुरेश सोनी संघ के सबसे सक्रिय अधिकारी थे, लेकिन मोदी सरकार बनने के बाद उन्होंने संघ से तो छुट्टी ले ली लेकिन सह कार्यवाह के पद पर बने रहे. अब जब यूपी चुनाव सामने है संघ एक बार फिर सुरेश सोनी का वनवास खत्म कर उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप सकता है, यानि सुरेश सोनी एक बार फिर अपनी सक्रियता दिखा सकते हैं.
यूपी चुनाव के मद्देनजर पहले ही कई बदलाव किए जा चुके हैं, दत्तात्रेय होसबोले का ट्रांसफर पटना से लखनऊ किया जा चुका है, और अब सुरेश सोनी फिर से सक्रिय होंगे. साफ है कि संघ ने यूपी को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है.