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राजस्थान पुलिस जिस आंनदपाल की तलाश में हरियाणा, मध्यप्रदेश तक की खाक छान रही थी उसे इस पोस्ट के बाद भी ट्रेक नहीं किया जा सका। यही नहीं पुलिस टीम पर आनंदपाल के ही गांव में हमला किया गया और इसका इशारा भी आनंदपाल के फेसबुक पेज पर किया जा चुका था। 'कमिंग सून विद धमाका' वाले पोस्ट पर कमेंट किया गया था कि 'इलाका भी हमारा और धमाका भी हमारा होगा'
उल्लेखनीय है कि आनंदपाल के 20 जुलाई को किए गए पोस्ट के अगले ही दिन यानी गुरुवार की रात नागौर के सांवराद में पुलिस पर एके-47 से गोलियां बरसाई गई। इस फायरिंग में जसवंतगढ थानाधिकारी लादू सिंह जख्मी हो गए। पुलिस के अनुसार गोलियां बरसाने वाला आनन्दपाल ही था।
अब 25 गांवों में घर-घर सर्चिंग कर रही पुलिस
अदालत से पेशी भुगतने के बाद वापस जेल ले जाते समय कथित रूप से चालानी गार्ड की मिलीभगत से फरार हुए आनंदपाल सिंह और उसके गुर्गों की धरपकड़ के लिए जबरदस्त तलाशी अभियान छेड रखा है। तीन थानों के 25 गांवों में घर-घर उसकी तलाशी ली जा रही है। बता दें कि पुलिस ने शनिवार को कहा है कि नागौर जिले के जसवंतगढ़ थानाधिकारी लाडू सिंह अपराधियों की जिस जीप से चली गोली से घायल हुए उसमें कुख्यात फरार अपराधी आनंदपाल सिंह भी था और अभी वो इसी इलाके में कहीं छिपा हुआ है।
सभी रास्तों पर नाकाबंदी, पूरा इलाका सील
पुलिस ने कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह और उसके गुर्गो को पकडने के लिए सावरदा गांव और इसके आसपास के इलाके को सील कर सघन तलाशी अभियान चला रखा है। नागौर जिले में विशेषतौर से सांवरदा से जुड़े इलाकों में बिना जांच पड़ताल के किसी वाहन को आने जाने नहीं दिया जा रहा है।