
एक दिन के प्रवास पर शहडोल पहुंचे गौर ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया, 'मैंने राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामपाल और विनय सहस्त्रबुद्धे से भी कहा था आप उम्र नहीं काम देखिये, पर किसी ने नहीं सुनी। पार्टी ने मुझसे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने को कहा मैंने दिया, मंत्री बना अब वहां से भी हटा दिया गया।
केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र के बयान को आधार बनाते हुए गौर ने कहा कि पार्टी में ऐसा कोई नियम ही नहीं है, जबसे अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं तबसे पार्टी में ये सब हो रहा है। शहडोल में प्रस्तावित लोकसभा उपचुनाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में गौर ने कहा कि, ये उनका निजी दौरा है, इसलिए मुझे पार्टी की गतिविधियों से कोई सरोकार नहीं है। गौर ने कहा कि उन्हें शहडोल में होने वाले लोकसभा उपचुनाव की कोई जानकारी नहीं है। पार्टी स्तर से भी कोई जानकारी नहीं दी गई है।