
उन्होंने यह भी बताया कि बीते दो सालों में जमीन पर आए 2.71 लाख करोड़ के निवेश से पांच लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। जानकारों का कहना है कि यदि यह करार हकीकत में बदलते हैं तो प्रदेश के 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने समिट के समापन अवसर पर की ये बड़ी घोषणाएं
50 करोड़ और उससे अधिक के निवेश प्रस्ताव पर रिलेशनशिप मैनेजर नियुक्त होगा, वह निवेशक की हर समस्या दूर करेगा।
रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में सबसे ज्यादा रोजगार पैदा होते हैं, इसके लिए नई नीति बनाएंगे।
शहर में खेती की जमीन को पीएसपी में उपयोग परिवर्तन के नियम सरल होंगे और नाममात्र की फीस लगेगी। आईटी व गैर प्रदूषण वाली कंपनी भी पीएसपी में स्थापित हो सकेंगी।
मास्टर प्लान के अनुसार नगर विकास योजना क्रियान्वयन के लिए निजी निवेशक भी आ सकेंगे।
शहर में वर्टीकल विकास को बढ़ाने के लिए टीडीआर और टीओडी (ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट) सुविधा के लिए जल्द नियम बदलेंगे।
पीसीबी की मंजूरी प्रक्रिया सरल होगी और गैर प्रदूषण कंपनियों की सूची बढ़ाएंगे।
मल्टीप्लेक्स नीति बदलेंगे, छोटे शहरों के लिए 500 की बजाए 200 सीटर के मल्टीप्लेक्स बन सकेंगे।
जीएसटी लागू होने के बाद भी उद्योगों को टैक्स छूट मिलती रहेंगी। इसके लिए कमेटी बनाकर रास्ते निकाले जाएंगे।
पीथमपुर को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 50 करोड़ से रोड बनेगी।
इंदौर और भोपाल एयरपोर्ट को इंटरनेशनल दर्जा दिलाने की कोशिश की जाएगी।
रोजगार कार्यालयों को पीपीपी आधार से आधुनिक प्लेसमेंट सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा।