
आज यहां केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड की 64वीं बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों में बढ़ रही मधुमेह और अन्य संक्रामक बीमारियों से भी उन्हें बचाना जरूरी है। मंत्री ने कहा कि खेलों के पूरी क्षमताओं को जानने के लिए जरूरी है कि हम बिना कोई देरी किए शैक्षणिक संस्थाओं में इसको प्रोत्साहन देने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
श्री गोयल ने जोर दिया कि हर शैक्षणिक संस्था में खेल का मैदान और खेलों की बुनियादी सुविधाएं जरूर होनी चाहिए। जिन संस्थाओं में ये सुविधाएं नहीं हैं, उनको नजदीक की संस्थाओं से जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर स्कूल में शारीरिक शिक्षा टीचर होने चाहिए। खेल कोटे से प्रवेश पाने वालों, परीक्षाओं में उपस्थिति से खिलाडि़यों को राहत आदि मानक दिशा-निर्देश तैयार किए जाने चाहिए।