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पंकज जैन को विभाग में आए करीब साल भर हुए हैं। वे एडिशनल डायरेक्टर के साथ ही मप्र पब्लिक हेल्थ सप्लाई कॉरपोरेशन के एमडी हैं। मंत्री से मिलने पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि वे साल भर में कई अफसरों (मेडिकल कैडर के) से अभद्र तरीके से बातचीत कर चुके हैं। लेकिन, मामला सोमवार से तूल पकड़ गया जब डॉ. पंकज जैन ने एनएचएम में डिप्टी डायरेक्टर डॉ. वीरेन्द्र कुमार से अशोभनीय बातें की।
अगले दिन वीरेन्द्र कुमार एनएचएम के डायरेक्टर डॉ. वीएन चौहान व अन्य डिप्टी डायरेक्टर्स के साथ प्रमुख सचिव गौरी सिंह से शिकायत करने पहंचे। लेकिन, यहां से कोई हल नहीं निकला तो मेडिकल कैडर से आने वाले डायेरक्टर, एडिशनल डायरेक्टर, ज्वाइन डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब वैशाली नगर स्थित स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह के बंगले पहुंच गए। सभी ने मंत्री के सामने पंकज जैन का पूरा चिठ्ठा खोल दिया। उनका कहना था कि 25 से 30 साल की नौकरी में इस तरह की अपमानजनक भाषाएं उन्हें सुनने को नहीं मिली। डायरेक्टर्स ने कहा कि पंकज जैन उनसे पद और उम्र दोनों में छोटे हैं, लेकिन सम्मानजनक तरीके से बात नहीं करते। कुछ सीएमएचओ और सिविल सर्जन ने भी इसी तरह की शिकायतें की हैं।
डिप्टी डायरेक्टर का भी विरोध
डायरेक्टर्स, डिप्टी डायरेक्टर्स ने एनएचएम में डिप्टी डायरेक्टर अभिषेक गहलोत को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि एक महीने पहले एनएचएम के एमडी वी किरण गोपाल ने आदेश जारी कर कहा है कि दूसरे डिप्टी डायरेक्टर्स की फाइलें पहले अभिषेक गहलोत के पास जाएंगी। इसके बाद ऊपर के अधिकारियों से भेजी जाएंगी। जिससे मेडिकल कैडर से आने वाले डिप्टी डायरेक्टर नाराज थे। उन्होंने मंत्री से यह भी शिकायत की है कि अभिषेक गहलोत बैठक में डिप्टी डायरेक्टर्स से अलग बैठते हैं।