नईदिल्ली। BSF में रोटी घोटाला उजागर करने वाले जवान तेज बहादुर यादव ने भले ही 1 गोल्ड मैडल एवं 16 अवार्ड प्राप्त कर लिया हो परंतु अब वो गंदगी साफ करेगा। BSF के अफसरों ने अब उससे बंदूक छीनकर औजार पकड़ा दिए हैं। अब वो प्लंबर का काम करेगा। गंदी नालियों का कचरा साफ करेगा। अफसरों के बाथरूम ठीक करेगा। सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने की ये सजा सरेआम दे दी गई है।
हालांकि इस मामले में BSF एक आॅफीसियल जांच कर रहा है परंतु यह कहना मुश्किल है कि BSF के अफसरों का घोटाला BSF के ही अफसर जांच में खोल पाएंगे। इधर एक अंग्रेजी अखबार की छानबीन में BSF केंप के आसपास कारोबार कर रहे छोटे व्यापारियों ने खुलकर बताया है कि वो BSF केंप से आने वाले राशन और ईंधन को नियमित रूप से खरीदते हैं। इतना ही नहीं बाजार में जब BSF के अफसरों के बारे में जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि केंप में होने वाली हर खरीदी में BSF अफसर का कमीशन फिक्स होता है और कभी कभी तो यह कमीशन की रकम, व्यापारी के कुल मुनाफे से भी ज्यादा होती है। मतलब साफ है कि हर पॉवरफुल अवसर कमीशनखोरी कर रहा है। BSF में भ्रष्टाचार जारी है।
जवान तेज बहादुर ने सरकार पर सवाल नहीं उठाया है परंतु यदि BSF के रोटी घोटाले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जरूर सरकार पर सवाल खड़े हो जाएंगे। इस वक्त सारा देश इस मामले की ओर देख रहा है। सवाल उन जवानों का है जो सीमा पर हमारी रक्षा के लिए अपना जीवन दांव पर लगा देते हैं। क्या सरकार उन तक पौष्टिक भोजन भी नहीं पहुंचा सकती।