
मार्क जकरबर्ग को हटाने का दावा वेंचरबीट की एक रिपोर्ट में किया गया है जिसमें यह बताया गया है कि शेयरधारकों के एक ग्रुप द्वारा मार्क को निदेशक मंडल से हटाने की मांग हो रही है। मार्क 2012 से ही कंपनी के निदेश मंडल में शामिल हैं। उन्हें हटाने के लिए एक प्रस्ताव में कहा गया है कि एक स्वतंत्र अध्यक्ष कंपनी के अधिकारियों की देखरेख, कॉरपोरेट गवर्नेंस में सुधार और ज्यादा जवाबदेह शेयरधारक एजेंडा तय करने में मददगार साबित होगा।
फेसबुक में मिलने वाली छुट्टियों की बात करें तो कंपनी की पॉलिसी में पहले से ही किसी भी कर्मचारी को घर पर बीमार परिजन की देखभाल के लिए एक साल में छह सप्ताह की छुट्टी दी जाती हैं। कंपनी इसके लिए अपने कर्मचारी की सेलरी में से कोई पैसा नहीं काटती है। मतलब उसके ऑफिस न आने के बाद भी उसकी पूरी सैलरी मिलती रहती है।
फेसबुक ने छुट्टी की पॉलिसी मे सबसे बड़ा बदलाव यह किया है कि अगर किसी कर्मचारी के घर किसी परिजन की मौत हो जाती है तो उसे 20 दिन की छुट्टी दी जाएगी। कंपनी इसके लिए अपने कर्मचारी की सैलरी में से कोई पैसा नहीं काटेगी। साथ ही अगर किसी रिश्तेदार की मौत हो जाती है तो कंपनी 10 दिन की छुट्टी देगी। इसके लिए भी कंपनी कोई पैसा नहीं काटेगी।
इससे पहले कंपनी कर्मचारी के परिवार के किसी सदस्य की मौत होने पर 10 दिन की छुट्टी देती थी, वहीं किसी रिश्तेदार की मौत होने पर 5 दिन की छुट्टी देती थी। अब इन छुट्टियों को बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। फेसबुक की चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर शेरिल सैंडबर्ग के मुताबिक फेसबुक अपने कर्मचारियों शॉर्ट टाइम सिक लीव देने का भी प्लान कर रही है जिसमें कर्मचारी अपने घर पर किसी बीमार व्यक्ति की देखभाल के लिए लगातार तीन दिन की छुट्टी ले सकता है। यह शॉर्ट टाइम की छुट्टी इसलिए है जैसे किसी कर्मचारी के बच्चे को बुखार है तो वह उसके लिए तीन दिन की छुट्टी ले सकता है। इसके लिए भी कंपनी कोई पैसा नहीं काटेगी। FACEBOOK | EMPLOYEE | POLICY | NEW LEAVE | ANNOUNCEMENT |