
गुरुवार से मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की परीक्षा शुरू हुई है। पांचवें वर्ष का पहला पेपर मेडिसिन का था। परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद हॉल में धीरे-धीरे बात करने की आवाज सुनाई देने लगी। पर्यवेक्षकों ने सभी विद्यार्थियों की जांच की लेकिन किसी के पास भी नकल सामग्री नहीं मिली। बावजूद इसके आवाज लगातार आ रही थी। पर्यवेक्षक आवाज के आधार पर एक छात्र को परीक्षा प्रभारी डॉ. रामगुलाम राजदान के पास ले गए। छात्र पहले तो नकल से इंकार करता रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर कान में छुपाया गया छोटा सा डिवाइस निकालकर दे दिया।
डॉ. राजदान ने बताया कि इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के परीक्षार्थी का नकल प्रकरण तैयार कर मेडिकल कॉलेज डीन और विश्वविद्यालय को भेज दिया गया है। परीक्षार्थी ने अस्पताल प्रशासन के सामने गलती स्वीकार कर माफी मांगी थी। विद्यार्थी के भविष्य से जुड़ा मामला होने की वजह से उसका नाम कॉलेज प्रशासन ने उजागर नहीं किया।