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अभी आडवाणी पार्टी के मार्गदर्शक मंडल में हैं। वो राजनीति में सक्रिय हैं लेकिन उनके पास कोई महत्वपूर्ण जिम्मेवारी नहीं है। मोदी और आडवाणी के बीच लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मतभेद उत्पन्न हो गए थे। तब आडवाणी का मानना था कि पार्टी को जल्दीबाजी नहीं करनी चाहिए। बिना चेहरे के भी चुनाव लड़ने की सलाह दी थी।
आडवाणी अभी 89 साल के हैं। उन्होंने आरएसएस से अपने सार्वजनिक करियर की शुरुआत की थी। 1998-2004 के दौरान आडवाणी देश के गृहमंत्री रहे। बाद में उन्हें उप प्रधानमंत्री भी बनाया गया था। आडवाणी को नरेन्द्र मोदी का राजनीतिक गुरु माना जाता है।