
गिनीज बुक वालों ने कहा है कि वे इस रिकॉर्ड को मानेंगे, लेकिन लोगों की पूरी संख्या गिनने के लिए उनके पास आदमी नहीं हैं, इसलिए शासन ही कुछ सरकारी लोगों को इसका गवाह बनाए। इसके बाद जिला पंचायत ने इंदौर जिले के शिक्षकों को यह काम सौंपा है। हर 50 व्यक्तियों की गिनती में एक-एक शिक्षक रहेगा। वे अब हर पौधे और लोगों की गिनती करेंगे।
इससे पहले शिक्षकों की ड्यूटी सरकारी सामूहिक विवाह सम्मेलन में भोजन वितरण के लिए लगा दी गई थी। एक धार्मिक आयोजन पर जूते स्टेंड पर भी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। यह सबकुछ उस समय हो रहा है जबकि सुप्रीम कोर्ट आदेश जारी कर चुका है कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य नहीं लिए जाने चाहिए।