
यह रहेगा खास
ड्यूटी डॉक्टर के लिए अलग से कमरा होगा और दिव्यांगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है।
थानों के लॉकअप रूम टॉयलेट भी बनेंगे और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाया जाएगा।
टीआई के लेकर हेड कॉन्स्टेबल तक के लिए अलग कमरे और आरक्षकों के कॉमन रूम बनेंगे।
कम्युनिटी पुलिस रूम भी होगा। जहां आम लोगों से बातचीत कर उनकी समस्या अलग से सुनी जाएगी।
संदिग्ध व गवाह से पूछताछ के लिए अलग कमरा रहेगा।
कॉन्फ्रेंस और ब्रीफिंग रूम होगा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के साथ डिजिटल मैप की सुविधा भी होगी।
एनआईए और सीबीआई की तरह पुलिस द्वारा जब्त सामग्री को मालखाने में इलेक्ट्रॉनिक्स तिजोरी रहेगी।
विस्फोटक थाने के अंदर नहीं रखा जाएगा। हथियार रखे जाने का कमरा भी अलग होगा।
46 जिलों के 236 थाने बेहाल
जर्जर 137
कंडम 35
जीर्ण-शीर्ण 12
भवनविहीन 52