
यह स्कीम मौजूदा सेशन से ही लागू हो रही है। फर्स्ट ईयर के बाद जब स्टूडेंट्स सेकंड ईयर में आएंगे तो फिर उनके फर्स्ट ईयर के मार्क्स देखे जाएंगे। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि स्टूडेंट्स को उनकी योग्यता के साथ-साथ आर्थिक स्थिति के आधार पर स्कॉलरशिप मिले। डिप्टी सीएम ने बताया कि हायर एजुकेशन में फीस का मुद्दा किसी भी परिवार के लिए बहुत बड़ा होता है। जिन परिवारों की सालाना इनकम कम होती है, उनके लिए अपने बच्चों को पढ़ाना काफी मुश्किल होता है। अब सरकार ने तय किया है कि बीपीएल फैमिली के बच्चों की 100 पर्सेंट फीस माफ होगी।
वहीं जिन परिवारों की आय 2.5 लाख रुपये सालाना तक होगी, उनके बच्चों को फीस में 50 पर्सेंट की रियायत मिलेगी। खास बात यह है कि 2.5 लाख से 6 लाख रुपये की सालाना आय वाले परिवारों के बच्चों को भी फीस में 25 पर्सेंट की रियायत मिलेगी। शुरुआत में यह स्कीम ग्रैजुएशन कोर्सेज में एडमिशन पाने वाले स्टूडेंट्स के लिए होगी। राज्य सरकार द्वारा लाई गई यह बहुत अहम स्कीम है, जिसका फायदा स्टूडेंट्स को उनकी पढ़ाई पूरे करने के लिए मिलेगा।