
भैयाजी जोशी ने नेताओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि नेताओं ने सेवा शब्द को सस्ता कर दिया है। शिवराज सिंह चौहान इसमें अपवाद हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लोग वोट मिलने पर ही सेवा की बात करते हैं। उन्होंने उदाहरण से समझाया कि एक नेता वोट मांगने गए तो कहने लगे कि सेवा का मौका दीजिए। हार गए तो घर बैठ गए। जब पूछा तो कहने लगे कि जनता ने चुना ही नहीं तो सेवा क्यों? समाज के अपने लोगों की पीड़ा और वेदना समझने के लिए मन संवेदनशील होना चाहिए।
संघ में महिलाओं को जगह नहीं, यह धारणा गलत
जोशी ने यह भी कहा कि संघ में महिलाओं को अहम स्थान है। यह धारणा गलत है कि उन्हें संघ में जगह नहीं। उनकी भी भूमिका है। संघ ऐसा संस्थान है, जिसमें सभी तरह के सेवा कार्य हैं। वहीं, सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि समाज के भीतर निष्काम भाव से संघ सेवाकार्य कर रहा है। विद्याभारती, सेवाभारती, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ जैसे अनुषांगिक संगठन इसमें जुटे हैं। भोपाल में ही मातृछाया और आनंदधाम जैसे अनूठे प्रयास सेवाभारती द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अच्छाई और बुराई के बीच संघर्ष चल रहा है।