
एक सूत्र के मुताबिक, '100 रुपये और 500 रुपये के बीच का कोई नोट अभी तक उपलब्ध नहीं है इसलिए RBI का मानना है कि 200 रुपये का नोट काफी उपयोगी होगा और इससे नोटों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।'
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्रुप चीफ इकनॉमिस्ट सौम्य कांति घोष ने बताया, 'बड़ी संख्या में नए नोट आने से आम आदमी को थोड़ी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ेगा।' बता दें कि नोटबंदी के बाद जब 2000 का नोट आया तो इससे जुड़े कई मामले सामने आए जिनमें नकली नोट मिलने का दावा किया गया। 200 के नोट लाने का उद्देश्य बिना टैक्स दिए कैश रखने वाले लोगों पर शिकंजा कसना है।
घोष ने बताया, ' 200 के नोट के दो फायद होंगे, एक तो कैश लेनदेन में आसानी होगी और दूसरा इससे कुल करंसी में छोटे नोटों की संख्या बढ़ जाएगी।' बता दें कि नोटबंदी से पहले 500 के 1,717 करोड़ नोट थे और 1000 के 686 करोड़ नोट थे। SBI के शोध के मुताबिक नोटबंदी के बाद बड़े नोटों के शेयर में 70 फीसदी की कमी आई है।