
यह घटना नालंदा जिले के परवलपुर थाना क्षेत्र के बड़ी मठ के पास एनएच 110 पर घटी। सरेआम पिटाई और बेइज्जती होने पर लड़की फूट-फूट कर रो रही थी। बाल पकड़कर घसीटे जाने के बाद वह सड़क पर बैठ गई और छोड़ देने की गुहार लगाने लगी, लेकिन धनंजय पर इसका कोई असर नहीं हुआ। वह बेरहमी से लड़की को पीटता रहा। लड़की की सरेआम पिटाई होता देख गांव के लोग जमा हो गए, लेकिन कोई धनंजय को रोकने की हिम्मत नहीं जुटा रहा था।
तमाशा देख रहे सभी लोग उसके एसपीओ होने से डर रहे थे। कुछ युवक तो उल्टे धनंजय का हौसला बढ़ा रहे थे। इस दौरान एनएच पर चल रही कई गाड़ियां रुकी, कोई इन गाड़ियों से उतरकर लड़की की मदद करता इससे पहले धनंजय दबंगई दिखाते हुए उसे आगे जाने को कह देता। काफी देर तक पीटने और गालियां देने के बाद धनंजय ने लड़की को घर जाने दिया।
सरेआम लड़की को गालियां दे रहा था

एसपीओ था धनंजय
लड़की को सरेआम पीटने वाला धनंजय बिहार पुलिस का कर्मी था। वह एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) था। गौरतलब है कि बिहार में नक्सल प्रभावित जिलों में एसपीओ की बहाली गई है। एसपीओ गांव के लोगों को नक्सलियों की खबर देने के लिए बनाया जाता है। धनंजय नक्सलियों की खबर देने की जगह गांव में अपनी रौब दिखाने के ज्यादा व्यस्त रहता था।