
पुलिस के मुताबिक, मूलतया सीकर के खंडेला में श्यामनगर निवासी रामस्वरूप सैनी ने रिपोर्ट दी है। इसमें बताया, कि उनके बेटे दिनेश सैनी की शादी वर्ष 2015 में जयपुर के चौमू निवासी रंजना के साथ हुई थी। पिछले दो-ढाई साल से दोनों पति-पत्नी जोधपुर में महामंदिर मटकी चौराहे के निकट किराए के मकान में रहते थे। कुछ माह पहले रंजना ने चौमू थाने में पति व परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था।
सैनी का आरोप है कि रंजना के कई युवकों ने अनैतिक संबंध थे और जब दिनेश उसे दूसरों से बात करने से टोकता था, तो वह उसके साथ बदसलूकी करने लग जाती थी। गत 27-28 अक्टूबर की देर रात दिनेश सीकर से अपने पड़ोसी के साथ उसकी पिकअप गाड़ी में जोधपुर से दहेज का सामान लाने के लिए निकला था। 28 की सुबह करीब 11 बजे उसने पिता से बात भी की थी, लेकिन रात करीब 8 बजे पिता ने दिनेश के मोबाइल पर फोन किया, तो स्विच ऑफ मिला। दूसरे दिन बनाड़ पुलिस से ही उन्हें सूचना मिली कि दिनेश ने ट्रेन से कटकर खुदकुशी कर ली। तब, परिजन जोधपुर पहुंचे। यहां सोमवार को पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
पत्नी की वजह से पूरा परिवार था दुखी : रिपोर्ट
पुलिस को दी रिपोर्ट में सैनी ने बताया कि दिनेश ने सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर रखा था और यहां एक निजी फर्म में नौकरी कर रहा था। पिछले पांच-छह महीने से रंजना लगातार दिनेश को फोन कर परेशान कर रही थी। वह उसे जान से मरवाने की धमकी दे रही थी। दिनेश ने आत्महत्या करने से पहले सुसाइड नोट में भी इसी का उल्लेख किया। उसने लिखा कि पत्नी की वजह से पूरा परिवार दुखी है और वह उन्हें और ज्यादा परेशान नहीं देख सकता, इसलिए उसने यह कदम उठाया। बनाड़ पुलिस ने सैनी की रिपोर्ट पर दिनेश की पत्नी रंजना, ससुर पुरुषोत्तम, सास राधादेवी व साले रविकांत के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मामला दर्ज किया है।