
आर्य ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस एक दलित नेता को पचा नहीं पा रही है, इसलिए इस्तीफे की मांग कर रही है। दूसरी तरफ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा कि आर्य को कांग्रेस की सरकार के समय सीबीआई क्लीनचिट दे चुकी है। हम उनकी जमानत की कोशिश कर रहे हैं। अदालत ने उन्हें दोषी करार नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि आर्य के इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता।
मंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि मैं पूरी तरह कानून के मुताबिक काम कर रहा हूं। कानून ने हमें हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार दिया है। इसी अधिकार के तहत ग्वालियर हाईकोर्ट में रिवीजन पिटीशन दाखिल की है। इसके साथ ही मैं पूरे मामले में कानूनविदों की सलाह ले रहा हूं। इस्तीफे को लेकर लाल सिंह आर्य ने कहा कि मेरे मंत्री पद को लेकर फैसला मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी संगठन को करना है।
भिंड पुलिस एक बार भी नहीं आई
मंत्री लाल सिंह आर्य के भोपाल स्थित बंगले पर भिंड पुलिस एक बार भी वारंट तामील कराने के लिए नहीं आई। पुलिस बार बार कोर्ट में यह बताती रही कि वो अपने निवास पर नहीं हैं। मंत्री आर्य का आधिकारिक निवास भोपाल में हैं लेकिन भिंड पुलिस ने यहां आकर वारंट तामील कराने की कोशिश ही नहीं की।