भोपाल। फिल्म पद्मावत विवाद के संदर्भ में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पूरी तरह से श्री राजपूत करणी सेना के साथ खड़े नजर आए। संदेश इतना स्पष्ट दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद मध्यप्रदेश में फिल्म रिलीज नहीं हो पाई। कई लोगों ने इसे सुप्रीम कोर्ट का अपमान भी माना परंतु सीएम शिवराज सिंह का इस बारे में अलग विचार है। उनका कहना है कि डंडे के दम पर फिल्म को रिलीज कराना सही नहीं था।
सीएम शिवराज सिंह चौहान जागरण राउंड टेबल पर बात कर रहे थे। पद्मावत के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा बगीचा है, जिसमें अलग-अलग रंग के फूल खिलते हैं। हमारे यहां अलग-अलग समाज है, जिनकी अलग भावनाएं होती हैं। अगर फिल्म काल्पनिक पृष्ठभूमि से है, तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन एक समाज के मन में किसी चीज को लेकर तकलीफ और आशंका है, तो उनकी आशंकाओं का समाधान करके निर्णय लिया जाना चाहिए। डंडे के दम पर फिल्म को रिलीज कराना सही नहीं था। इसके बजाय बेहतर होता था कि उनकी बातों को समाधान किया जाता।
बता दें कि इस मामले में सीएम शिवराज सिंह पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जबकि एक मुख्यमंत्री को ऐसा कतई नहीं करना चाहिए था। सीएम शिवराज सिंह ने फिल्म रिलीज होने से पहले ही उसे मप्र में बैन कर दिया था। बैन करने से पहले ना तो उन्होंने फिल्म देखी और ना ही निर्माताओं से कोई सवाल जवाब किए। किसी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बैन तो हट गया परंतु फिल्म रिलीज नहीं हुई, क्योंकि सिनेमाघर संचालकों को मांगने के बाद भी सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई।