
शिवराज सिंह चौहान सरकार के तमाम दावों और नई नीति बनाए जाने के बाद भी सरकार के लाख दावों के बाद भी प्रदेश में अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। हालांकि अवैध खनन के मामले में महराष्ट्र का नाम टॉप पर है जबकि मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर है। केंद्रीय रिपोर्ट के मुताबिक साल 2016-17 में प्रदेश में अवैध खनन के लिए 13 हजार 880 मामले सामने आये हैं, जिसमें से 516 पर एफआईआर दर्ज कराई हुई है।
वहीं केंद्रीय आंकड़ों के बाद प्रदेश के खनिज मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सफाई दी है। खनिज मंत्री के मुताबिक अवैध खनन रोकने के लिए सरकार काम कर रही है और अंकुश लगाने के कारण ही 2003 में खनन से होने वाली छह सौ करोड़ की आय अब बढ़कर साढ़े चार हजार करोड़ हो गई है।