
उन्होंने कहा कि जब पार्टी के भीतर ही इस फैसले का विरोध हुआ तो लोकतंत्र का सम्मान करते हुये पार्टी ने इस निर्णय को वापस ले लिया। प्रदेश प्रभारी ने कहा कि इस निर्णय से अब तक पार्टी के कोष में जो राशि जमा हुई थी, उसे वापस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही कांग्रेस ने अपनी आर्थिक दशा ठीक करने के लिए ये कदम उठाया था, लेकिन पार्टी नेताओं के विरोध के चलते इस आदेश को खत्म कर दिया गया।
पार्टी के वरिष्ठ नेता जुटायेंगे चुनाव के लिये फंड
दीपक बाबरिया ने जानकारी दी कि इस निर्णय के वापस लिये जाने के बाद प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं ने आश्वासन दिया है कि पार्टी को आर्थिक संकट से उबारने के लिए वे चुनावी साल में फंड जुटायेंगे। वरिष्ठ नेताओं की फंडिंग से चुनाव के समय में पार्टी को आर्थिक परेशानी के दौर से नहीं गुजरना पड़ेगा।