
गौरतलब है कि आयोग ने 2018 की जो आंसर गाइड जारी की है उनमें करीब 10 सवालों पर आपत्ति जताई गई है। अभ्यर्थियों के मुताबिक ये सवाल गलत हैं। इन गंभीर त्रुटियों कारण अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति बन गई है। छात्रों के मुताबिक करीब 10 सवालों के जवाब गलत हैं। ऐसे में इन छात्रोंं को खामियाजा भुगतना पड़ेगा और वे मुख्य परीक्षा में प्रवेश के पात्र नहीं होंगे। छात्रों ने ये भी मांग की कि MPPSC 2018 की आंसर गाइड जारी करने के मामले की न्यायिक जांच कर लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जाए।
इसी के विरोध में गुरुवार को छात्रों ने विरोध रैली निकाली। MPPSC के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ये छात्र काफी गुस्से में नजर आए। रैली का समापन लोकसेवा आयोग के मुख्यालय पर हुआ। यहां छात्रों ने मुख्यालय का घेराव किया। छात्रों का ये भी कहना है कि विगत 5-6 सालों से लगातार आयोग द्वारा इस तरह की गंभीर गलतियां की जा रही है जिससे परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों पर असर होता है। आयोग की गलतियों का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है।
छात्रों ने आयोग की कार्यप्रणाली के अलावा इन वर्षों की प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इनके मूल्यांकन और साक्षात्कार पर भी सवाल उठाते हुए इनकी न्यायिक जांच की मांग की है।