
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक दिल्ली के जामिया मिल्ल्िाया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में पहले खान अब्दुल गफ्फार खान मेमोरियल लेक्चर को संबोधित करते हुए कांत ने यह बात कही. कांत ने कहा, 'भारत का पूर्वी हिस्सा खासकर बिहार, यूपी, छत्तीसगढ़, एमपी तथा राजस्थान भारत को पिछड़ा बनाए हुए है, खासकर सामाजिक संकेतकों पर। हमने कारोबारी सुगमता तो बढ़ाई है, लेकिन मानव विकास सूचकांक में पीछे बने हुए हैं।
अमिताभ कांत ने कहा कि मानव विकास सूचकांक में अभी भी 188 देशों में भारत का स्थान 131वां है। 'बदलते भारत में चुनौतियां' विषय पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश के दक्षिण और पश्चिम के कुछ हिस्से अच्छा कर रहे हैं और काफी तेजी से तरक्की कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमें इन सामाजिक संकेतकों पर ध्यान देना होगा और देश के मानव विकास सूचकांक में सुधार करना होगा।
कांत ने कहा, 'शिक्षा और स्वास्थ्य महत्वपूर्ण हैं और इन दो क्षेत्रों में भारत पिछड़ रहा है। हमारे यहां शिक्षा की स्थिति काफी खराब है, कक्षा पांच का स्टूडेंट दूसरी कक्षा का जोड़-घटाने नहीं कर पाता. नवजात मौत दर काफी ज्यादा है। जब तक हम इन पहलुओं में सुधार नहीं करेंगे, हमारे लिए सतत रूप से बढ़ना कठिन होगा।