
मनमोहन सिंह से जब यह पूछा गया कि बीजेपी उनका मजाक बनाते हुए उन्हें 'मौन मोहन सिंह' कहती थी, तो पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि 'उन्हें अपने पूरे जीवन इस तरह की टिप्पणियों का सामना करना पड़ा है।'
उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री (मोदी) जो मुझे सलाह दिया करते थे, उस पर उन्हें खुद अमल करना चाहिए और अक्सर बोलते रहना चाहिए। मीडिया से मुझे पता चला था कि वह मेरे न बोलने पर आलोचना किया करते थे। उन्हें अब खुद मुझे दी गई सलाह पर अमल करना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने कहा कि दिल्ली में 2012 में हुई गैंगरेप की घटना (निर्भया कांड) के बाद कांग्रेस पार्टी और उनकी सरकार ने जरूरी कदम उठाए थे और बलात्कार के मामलों को लेकर कानून में बदलाव किया था।
उन्होंने कहा कि कठुआ मामले को जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती को और ज्यादा गंभीरता से हैंडल करना चाहिए था। उन्हें शुरू से ही इस मसले को अपने हाथ में रखना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'हो सकता है कि उन पर अपने सहयोगी दल बीजेपी का दबाव रहा हो, खासकर यह देखते हुए कि बीजेपी के दो मंत्री बलात्कार के आरोपियों के समर्थन में आ गए थे।