
खास बात तो यह है बदमाश रात में एक के एक वाहन को आग के हवाले करता रहा और पुलिस को कानोंकान भनक तक नहीं लगी। बदमाश ने पुलिस की कॉलोनी के अंदर घुसकर आधा दर्जन वाहन जलाकर उनके रात्रिकालीन गश्त की भी पोल खोल दी। अब पुलिस बदमाश की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि बदमाश ने सोमवार मंगलवार की दरम्यानी रात 1.50 बजे से घटना को अंजाम देना शुरू किया है। करीब 25 मिनिट में उसने 12 वाहनों में आग लगा दी। सबसे पहले उसने भदावर कॉलोनी में बारी-बारी से आधा दर्जन से अधिक लोगों की कार और बाइक में अाग लगाई। उसके बाद वह एसएएफ कॉलोनी के अंदर पहुंचा। जहां उसने घरों के बाहर खड़ी बाइक और कार में लगा दी।
पुलिस के रात्रिकालीन गश्त पर खड़ा हुआ सवाल
सोमवार मंगलवार की दरम्यानी रात हुई इस घटना से पुलिस के रात्रिकालीन गश्त पर सवालियां निशान खड़े हो गए है। यह स्थिति तब जब दो अप्रैल को जिले में भारत बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद काफी तनाव पूर्ण स्थिति निर्मित हो गई थी। हालांकि स्थिति पर नियंत्रण के लिए प्रशासन को कर्फ्यू और धारा 144 लगाना पड़ी। साथ ही बाहर से बल बुलाना पड़ा लेकिन स्थिति के काबू में आने के बाद पुलिस प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। बदमाश रात में वारदात को अंजाम देता रहा और उसे किसी भी पुलिस जवान ने नहीं देखा। यहां तक कि एसएएफ कैंपस में प्रवेश के दौरान भी संत्री ने भी उसे नहीं टोका। जबकि उसे रोका टोका जाता तो शायद यह हादसा रुक सकता था।
यह तीन वजह जो बताती हैं कि अपराधी साधारण नहीं बल्कि बड़ा साजिशकर्ता
1- वारदात को अंजाम रात दो बजे के आसपास दिया गया है। वहीं पुलिस पेट्रोलिंग में रात दो बजे ड्यूटी चेंज होती है। इस बात से बदमाश वाकिफ था।
2- वारदात को अंजाम देने से पहले बदमाश ने अपने चेहरे को पूरी तरह से ढक रखा है। ताकि वह किसी तरह पहचान में न आ सके। सीसीटीवी फुटेज में देखने पर भी वह किसी पढ़ा लिखा लग रहा है।
3- वाहनों को जलाने के लिए युवक ने किसी विशेष प्रकार के रसायन का उपयोग किया है, जिसे वाहन पर छिड़कने के बाद वह हवा के संपर्क में आकर आग पकड़ लेता है।
अधिकांश वाहन मालिक सवर्ण, साजिश की आशंका
यहां बता दें कि सोमवार मंगलवार की दरम्यानी रात हुए इस हादसे के पीछे कोई बड़ी साजिश प्रतीत हो रही है। कारण यह है कि भदावर कॉलोनी और 17 बटालियन परिसर में जो वाहन जलाए गए हैं उनके मालिक ज्यादातर सवर्ण वर्ग से हैं। इसलिए इस घटना को दो अप्रैल की घटना से जोड़कर भी देखा जा रहा है। सूत्रों की मानें तो पुलिस का मुखबिर तंत्र भी इस दिशा में सक्रिय हो गया है। हालांकि एएसपी डॉ गुरुशरण सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है। लेकिन शहर में कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने दी जाएगी।
तलाशे जा रहे सीसीटीवी फुटेज
घटना के बाद बदमाश की धरपकड़ के लिए पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज तलाश रही हैं। इसमें एक कैमरा की फुटेज पुलिस को मिल गई है। लेकिन इसमें बदमाश का चेहरा स्पष्ट नहीं आ रहा है। वहीं अब पुलिस ट्रैफिक पुलिस के कैमरों में भी उसे ढूंढ रही है। बताया जा रहा है कि बदमाश किसी बाइक से था।
पुलिस ने मामला दर्ज किया
कोतवाली पुलिस ने शिवकुमार सिंह पुत्र स्वर्गीय नरहर सिंह कुशवाह निवासी भदावर कॉलोनी और परमहंस सिंह पुत्र होतीराम निवासी 17 बटालियन परिसर की फरियाद पर अज्ञात बदमाश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिस बदमाश की तलाश में घटना स्थल के पास के सीसीटीवी फुटेज तलाश रही है।
बदमाश जल्दी पकड़े जाएंगे
भिंड के एएसपी डॉक्टर गुरुशरण सिंह ने बताया कि रात में दो जगह अज्ञात बदमाश ने कुछ वाहन जलाए हैं। एक सीसीटीवी में उसका फोटो मिला है और जगह भी तलाश की जा रही है। जहां तक सवाल दो अप्रैल की घटना से जोड़ने का है तो वह भी मेरे संज्ञान में आया है। शहर की कानून व्यवस्था को किसी भी हाल में नहीं बिगड़ने दिया जाएगा। बदमाश को शीघ्र ही पकड़ लिया जाएगा।