
इसी बीच वित्त विभाग ने 2.47 के फार्मूले से कैबिनेट प्रस्ताव बनाकर भेज दिया पर भारतीय मजदूर संघ के दखल के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश के कर्मचारियों की तरह 2.57 के फार्मूले से पेंशन बढ़ाने पर सहमति दे दी। वित्त मंत्री जयंत मलैया भी इसके लिए तैयार हो गए। बताया जा रहा है कि पेंशनरों को मनमाफिक दिए जा रहे वेतनमान की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने निवास पर पंचायत बुलाकर करेंगे।
इस दौरान पेंशनरों से जुड़ी कुछ अन्य घोषणाएं भी मुख्यमंत्री कर सकते हैं। राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा ने बताया कि सैद्धांतिक तौर पर पंचायत के लिए 15 मई पर विचार हुआ है। अंतिम फैसला मुख्यमंत्री समय की उपलब्धता को देखकर करेंगे।
एरियर पर चुप्पी
सरकार पेंशनरों को सातवें वेतनमान का लाभ एक जनवरी 2016 से ही देगी पर एरियर को लेकर चुप्पी साध ली है। छठवें वेतनमान के वक्त भी पेंशनरों को एरियर नहीं दिया था, जबकि छत्तीसगढ़ इसके लिए सहमत था। कुछ पेंशनरों की इस मामले में अभी हाईकोर्ट में याचिकाएं विचाराधीन हैं।