भोपाल। मध्यप्रदेश मेें इस बार मानसून का अजीब ही रुख देखने को मिल रहा है। 20 जिले ऐसे हैं जहां बाढ़ के हालात बन रहे हैं जबकि 13 जिलों में सूखे का खतरा मंडराने लगा है। यदि कुछ दिन और ऐसे ही हालात रहे तो किसान त्राहि-त्राहि कर उठेगा। मध्यप्रदेश में इस वर्ष मानसून में एक जून से 18 जुलाई तक 20 जिलों में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश के 18 जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज हुई है। कम वर्षा वाले जिलों की संख्या 13 है। सर्वाधिक वर्षा 541.7 मिलीमीटर सीहोर में और सबसे कम 102.2 मिलीमीटर ग्वालियर में दर्ज की गई है।
सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिले
छिंदवाड़ा, उमरिया, इंदौर, झाबुआ, बड़वानी, खण्डवा, बुरहानपुर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, हरदा, भोपाल, दमोह और देवास हैं।
सामान्य वर्षा वाले जिले
बालाघाट, जबलपुर, सिवनी, मण्डला, नरसिंहपुर, सीधी, शहडोल, धार, मुरैना, श्योपुरकलां, गुना, अशोकनगर, विदिशा, होशंगाबाद, सागर, अनूपपुर, खरगोन और बैतूल हैं।
कम वर्षा वाले जिले
कटनी, डिण्डोरी, पन्ना, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सतना, सिंगरौली, अलीराजपुर, भिण्ड, ग्वालियर और दतिया है।
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