
उधर, संकेत ये भी हैं कि आयोग की ओर से ऐसे अफसरों को भविष्य में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नहीं सौंपने की सिफारिश की जा सकती है। कांताराव ने कहा कि मतदाता सूचियों का परीक्षण जारी है। गड़बड़ी और डुप्लीकेसी के मामलों में सुधार के लिए नोडल अफसर तैनात किए हैं, जो बूथ लेवल से लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी तक से समन्वय कर सुधार कार्य कर रहे हैं। सीईओ ने कहा कि चुनाव के मद्देनजर सूचना तंत्र को अभी से सक्रिय कर दिया गया है।
अभी तक 2013 के 152 मामलों की सुनवाई बाकी
आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक विधानसभा चुनाव 2013 में 650 मामलों में एफआईआर दर्ज हुई थी। इनमें से 152 मामलों में अभी भी सुनवाई लंबित है। जबकि 246 व्यक्तियों को दोषी पाया गया है और तीन मामलों में गैर जमानती वारंट तामील होना है।
ऐसे ही लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान 199 एफआईआर दर्ज हुई थीं, जिनमें से 38 मामलों में सुनवाई लंबित है। इसमें 104 को दोषी पाया गया है। आयोग ने बताया कि कानून व्यवस्था की स्थिति पर विशेष निगरानी के तहत पिछले हफ्ते 1282 गैर जमानती वारंटों की तामीली की है। वहीं छह माह से ज्यादा समय से लंबित 5630 गैर जमानती वारंटों को भी इस हफ्ते तामील कराया गया है।
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