जबलपुर। बैंकों में लोन घोटाले (BANK LOAN SCAM) का एक और मामला सामने आया है। जो संपत्ति बैंक ऑफ बड़ौदा (BANK OF BARODA) में बंधक रखी थी। संपत्ति पर पहले से ही लोन (LOAN AGAINST PROPERTY) चल रहा था, बैंक ऑफ महाराष्ट्रा (BANK OF MAHARASHTRA) ने बिना दस्तावेज की जांच और फिजीकल वेरिफिकेशन किए, उस पर लोन दे दिया।
हनुमानताल निवासी सनत कुमार जैन (63) के पिता रूपचंद जैन ने मनमोहन नगर स्थित डायवर्टेड प्लाट क्रमांक 95 से 113 तक के 19 भूखंड 8480 वर्गफुट को 7 अगस्त 1967 में रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से बेनी प्रसाद टंडन से खरीदा था। इसके बाद से 19 भूखंड सनत जैन के परिवार के हिस्से में आए थे। इस जमीन पर सनत ने गोदाम बना दिए थे। सन् 2002 से भूखंडों का स्वामित्व और कब्जा उनके पास है। बैंक ऑफ बड़ौदा हबीबगंज ब्रांच भोपाल से भूखंड और उस पर बने गोदाम को गिरवी रखकर सनत जैन ने लोन भी लिया था जो अभी चल रहा है।
8 अगस्त 2015 को मिला नोटिस
सनत जैन ने शिकायत में बताया कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र जबलपुर शाखा ने उसकी गिरवी रखी जमीन पर गौरव देवरिया के नाम से कब्जा बताते हुए उन्हें 8 अगस्त 2015 को नोटिस भेज दिया। इसके बाद उन्हें जानकारी मिली कि उसकी जमीन पर गौरव देवरिया ने फर्जी दस्तावेज बनाकर 95 लाख रुपए का लोन लिया है। बैंक ने जो नोटिस गौरव के नाम पर प्रकाशित किए थे, उस पर उन्होंने आपत्ति भी लगाई थी। लेकिन बैंक ने कोई कार्रवाई नहीं की।
दूसरा बैंक नहीं दे सकता था लोन
सनत जैन ने शिकायत में बताया कि 1967 से राजस्व दस्तावेजों में उसके पिता और उसके बाद मां शीलारानी जैन और भाई सुकमाल कुमार, महेन्द्र कुमार, राजकुमार और सनत कुमार के नाम दर्ज है। यह भूखंड बैंक ऑफ बड़ौदा हबीबगंज ब्रांच भोपाल में वर्ष 2006 से बंधक है। इसके बाद इस पर अन्य कोई बैंक लोन दे भी नही सकता था। जबलपुर के बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा राजस्व दस्तावेजों की जांच किए बिना आरोपित गौरव को लोन दे दिया गया। परीक्षण किए बिना गौरव देवरिया को 95 लाख रुपए का लोन देकर धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने आरोपित गौरव देवरिया और अन्य पर मामला दर्ज कर जांच में लिया है।