जबलपुर। रतन नगर में कल बैंक कर्मचारी (Bank employee) लक्ष्मणदास बैरागी (Laxmandas Bairagi) की लाश नाला में मिली। लक्ष्मणदास की मौत की खबर मिलते ही परिजनों सहित पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए, जिन्होने पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल पहुंचाकर मर्ग कायम कर लिया है। गौरतलब है कि लक्ष्मणदास एक धोखाधड़ी के मामले में गवाह भी था।
लक्ष्मणदास बैरागी उम्र 45 वर्ष बीती रात घर से घूमने का कहकर निकले। देर रात तक लौटकर घर न पहुंचने पर परिजन चितिंत हो गए। उन्होंने अपने स्तर पर तलाश की लेकिन लक्ष्मणदास का कहीं पता नहीं चल सका। आज सुबह घर से कुछ दूरी पर नाला में लक्ष्मणदास को लोगों मृत हालत में पड़े देखा। यह खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई, देखते ही देखते कई लोग एकत्र हो गए। जिनके बीच घटना को लेकर तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त रही।
वहीं मौके पर पहुंची पुलिस को पूछताछ में परिजनों ने जानकारी दी कि रात को घूमने का कहकर निकले थे, इसके बाद लौटकर नहीं आए है। चर्चाओं में यह बात भी सामने आई है कि बैंक ऑफ इंडिया सिविल लाइन में करीब दो वर्ष पहले ब्रांच मैनेजर नरेश श्रीवास्तव (Branch Manager Naresh Srivastava) ने सुचिता नौडियाल की फर्म को 18लाख रुपए लोन दिया था।जिसके आडिट में गड़बडिय़ा हुई थी। इस मामले में नरेश श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें बैंक कर्मी लक्ष्मणदास बैरागी गवाह था। पुलिस ने लक्ष्मणदास की मौत के मामले में हर बिन्दु पर जांच शुरु कर दी है, पुलिस का कहना है कि जो भी तथ्य सामने आएगे उस आधार पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।