जब कोई व्यक्ति कुटुम्ब न्यायालय में तलाक या न्यायिक पृथक्करण के लिए अपील करता है तब तलाक का कोई आधार होना बहुत आवश्यक होता है। बिना आधार के न्यायालय तलाक की डिक्री नहीं दे सकता है अर्थात अगर पति या पत्नी दोनों अपने वैवाहिक जीवन के कर्तव्यों को निभाने में कोई एक असमर्थ हो या दोनों में से एक प्रारंभ से ही जड़ या मंदबुद्धि का हो तब तलाक का आधार उसका पागलपन भी हो सकता है जानिए।
हिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 10 एवं धारा 13(1) (iii) अर्थात न्यायिक पृथक्करण एवं विवाह-विच्छेद (तलाक) का आधार पागलपन कब हो सकता है:-
1. मस्तिष्क कमजोरी:- कोई व्यक्ति मानसिक कमजोरी या मंदबुद्धि का होना पागलपन नहीं होता है अर्थात ऐसे व्यक्ति को न्यायालय भी पागल घोषित नहीं कर सकता है।
अजितराज बनाम बासुमति:-
मामले में न्यायालय ने अभिनिर्धारित किया कि कमजोर दिमाग वाला व्यक्ति या मंद बुद्धि वाला व्यक्ति यदि वह स्वयं के कार्यों का संचालन कर सके तो उसे पागलपन नहीं कहा जायेगा।
2. पागलपन निरंतर होना चाहिए:-
यदि कोई व्यक्ति पाँच वर्ष तक पागल रहा है लेकिन बीच-बीच में ठीक होता रहा है तो उसे पागल नहीं माना जा सकता है एवं यह तलाक या न्यायिक पृथक्करण का आधार नहीं होगा। व्यक्ति का निरंतर पागल होना आवश्यक है अर्थात व्यक्ति जन्म से ही पागल हो एवं वादी पर ही उसे पागल साबित करने का भार होता है।
आर. लक्ष्मीनारायण बनाम शान्ति-:
मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा यह अभिनिर्धारित किया गया कि मानसिक विकृतता को सिद्ध करने का भार वादी पर है। यदि वादी ऐसा सिद्ध करने में असफल रहता हैं तो तलाक की डिक्री पाने का हकदार नहीं होगा। :- लेखक बी. आर. अहिरवार (पत्रकार एवं लॉ छात्र होशंगाबाद) 9827737665 | (Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article)
कानूनी जानकारी से संबंधित 10 सबसे लोकप्रिय लेख
कोर्ट में गीता पर हाथ रखकर कसम क्यों खिलाते थे, रामायण पर क्यों नहीं है
अंग स्पर्श करने या अश्लील फोटो-वीडियो दिखाने वाले को नजरअंदाज ना करें, इस धारा के तहत सबक सिखाएं
मोबाइल पर ऐसे मैसेज आएं तो इस लिंक के साथ पुलिस को बताए, FIR दर्ज कराएं
इंसान को कुत्ता-कमीना कहा तो किस धारा के तहत FIR दर्ज होगी
कठोर कारावास में कैदी से क्या करवाया जाता है
अंग स्पर्श करने या अश्लील फोटो-वीडियो दिखाने वाले को नजरअंदाज ना करें, इस धारा के तहत सबक सिखाएं
मोबाइल पर ऐसे मैसेज आएं तो इस लिंक के साथ पुलिस को बताए, FIR दर्ज कराएं
इंसान को कुत्ता-कमीना कहा तो किस धारा के तहत FIR दर्ज होगी
कठोर कारावास में कैदी से क्या करवाया जाता है
रात के समय किसी के घर में चोरी छुपे घुसना किस धारा के तहत अपराध है
रेंट एग्रीमेंट के फायदे एवं शर्तें - मकान किराये पर देने के नियम
रेंट एग्रीमेंट के फायदे एवं शर्तें - मकान किराये पर देने के नियम
यदि कोई मर्जी के बिना घर में घुस आए तो क्या FIR दर्ज करवाई जा सकती है
धूम्रपान करने वालों के खिलाफ IPC की किस धारा के तहत FIR दर्ज होगी
आम रास्ते में रुकावट पैदा करने वाले के खिलाफ किस धारा के तहत FIR दर्ज होती है
गर्भपात के दौरान यदि महिला की मृत्यु हो गई तो जेल कौन जाएगा डॉक्टर या पति
धूम्रपान करने वालों के खिलाफ IPC की किस धारा के तहत FIR दर्ज होगी
आम रास्ते में रुकावट पैदा करने वाले के खिलाफ किस धारा के तहत FIR दर्ज होती है
गर्भपात के दौरान यदि महिला की मृत्यु हो गई तो जेल कौन जाएगा डॉक्टर या पति
:- यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com