भोपाल। आईसीआईसीआई बैंक के रिकवरी मैनेजर की किडनैपिंग के केस का भोपाल पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। शुरुआत में कोई यह मानने के लिए तैयार नहीं था कि ₹1 करोड़ की फिरौती के लिए अपहरण किया गया है परंतु पुलिस की इन्वेस्टिगेशन के बाद स्पष्ट हुआ कि अपहरण और हत्या का प्रयास 10000000 रुपए के लिए ही किया गया था।
पुलिस ने बताया कि राहुल रॉय कटारा हिल्स का रहने वाला है और एमपी नगर में आईसीआईसीआई बैंक में रिकवरी मैनेजर के पद पर नौकरी कर रहा है। रातीबड़ इलाके के जंगल में वह मरणासन्न हालत में पुलिस को मिला था। इससे पहले उसकी मां ने उसके अपहरण की सूचना पुलिस को दी थी। बताया था की किडनैपिंग करने वालों ने 10000000 रुपए की फिरौती की मांग की है।
शुरुआत में इस पर किसी को विश्वास नहीं हुआ और माना गया की कहानी कुछ और होगी, परंतु जब पुलिस ने राहुल रॉय के परिवार वालों के बयान दर्ज करने शुरू किए तो सब कुछ सामने आ गया। दरअसल हाल ही में राहुल रॉय के पिता की मृत्यु हुई थी। उन्होंने राहुल रॉय के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपए की बैंक एफडी करवाई थी। पुलिस ने बताया कि परिवार की कुछ ही लोगों को इसके बारे में पता था। इनमें से एक राहुल रॉय के मामा हंसराज भी थे।
पुलिस इंक्वायरी के समय हंसराज, राहुल रॉय की मां के साथ मौजूद थे। पुलिस ने जब ने राउंडअप किया तो वह पुलिस के सवालों का सीधा उत्तर नहीं दे पाए। उनकी हकलाहट और गोलमोल जवाब नहीं पुलिस का घेरा मजबूत कर दिया और सारी कहानी सामने आ गई। हंसराज की आर्थिक स्थिति खराब थी और वह राहुल रॉय के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपए की बैंक एफडी में से मोटी रकम प्राप्त करना चाहता था।
इसी के चलते उसने राहुल को अपने दो साथियों के साथ मिलकर किडनैप कर लिया था, परंतु किडनैपिंग के बाद ना तो राहुल टूटा और ना ही उसकी मां किसी भी प्रकार के मोल भाव के लिए तैयार हुई, उल्टा पुलिस में चली गई। क्योंकि राहुल ने मामा को पहचान लिया था इसलिए उसकी हत्या करने के लिए उस पर जानलेवा हमला किया गया और उसके बेहोश हो जाने पर उसे मरा हुआ समझकर जंगल में फेंक गए।