IPC 270 - द्वेषपूर्ण भावना से संक्रामक रोग फैलाना, पढ़िए कितना गंभीर अपराध, कितनी सजा

Bhopal Samachar

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जब कोई व्यक्ति लापरवाही द्वारा कोई संक्रामक रोग फैलाता है तब उस व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 269 के अंतर्गत मामला दर्ज होगा लेकिन अगर कोई संक्रमित रोग से पीड़ित व्यक्ति जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण या द्वेषपूर्ण भावना रखते हुए कोई संक्रामक रोग फैलाता हैं तो उसके खिलाफ एक नई धारा के अंतर्गत मामला दर्ज होगा जानिए।

भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 270 की परिभाषा

जो कोई व्यक्ति जानता है कि उसे संक्रमित रोग है और वह जानते हुए द्वेषपूर्ण भावना, दुर्व्यवहार आदि द्वारा कोई संक्रामक रोग फैलाता है जिसके कारण कोई संकटपूर्ण स्थिति उत्पन्न होती है तब संक्रामक रोग फैलाने वाला व्यक्ति भारतीय दण्ड संहिता की धारा 270 के अंतर्गत दोषी होगा।

Indian Penal Code, 1860 section 270 Punishment 

इस धारा के अपराध संज्ञेय एवं जमानतीय होते हैं इनकी सुनवाई किसी भी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जा सकती है सजा:- इस धारा के अपराध के लिए अधिकतम दो वर्ष की कारावास या जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है। Notice: this is the copyright protected post. do not try to copy of this article) :- लेखक ✍️बी.आर. अहिरवार (पत्रकार एवं विधिक सलाहकार होशंगाबाद) 9827737665 

इसी प्रकार की कानूनी जानकारियां पढ़िए, यदि आपके पास भी हैं कोई मजेदार एवं आमजनों के लिए उपयोगी जानकारी तो कृपया हमें ईमेल करें। editorbhopalsamachar@gmail.com

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