St. Joseph International School For Excellence, Taraisewaniya, Bhopal के हॉस्टल में एक विद्यार्थी की डेड बॉडी मिली है। खिड़की से एक टॉवल बंधी हुई हुई थी और टॉवल का फंदा छात्र के गले में था। रूम का दरवाजा खुला हुआ था। विद्यार्थी के पिता का दावा है कि यह सुसाइड नहीं है। इतनी मोटी टॉवल से सुसाइड नहीं हो सकता। रूम में एक नोट भी मिला है। पुलिस इन्वेस्टिगेशन कर रही है।
दो साल से सेंट जोसफ स्कूल में पढ़ रहा था
घटना दिनांक 18 फरवरी 2025 मंगलवार शाम 7:00 बजे की है। घटनास्थल सेंट जोसेफ इंटरनेशनल स्कूल फॉर एक्सीलेंस, तारा सेवनिया का हॉस्टल है। यह स्कूल परवलिया पुलिस थाने के अंतर्गत आता है। थाना प्रभारी रोहित सिंह नागर ने बताया- 14 साल के वंश कुशवाह के पिता संतोष कुशवाह नवीन नगर, ऐशबाग में रहते हैं। उनका बेटा दो साल से सेंट जोसफ स्कूल में पढ़ रहा था। वहीं हॉस्टल में रहता था। मंगलवार शाम योगा क्लास से आने के बाद अपने रूम में चला गया था।
सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग में कुछ नहीं मिला
पुलिस ने हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज चेक किए। इसमें दिखा कि वंश मंगलवार शाम योगा क्लास अटैंड कर अपने रूम में आया। पानी की बॉटल लेकर उसे भरने बाहर आया। बॉटल भरने के बाद रूम में लौट गया। इसके बाद उसके रूम में रहने वाले तीन अन्य बच्चे मैस में खाना खाने चले गए। उन्होंने लौटकर देखा तो वंश फांसी लगा चुका था। रूम का गेट बाहर से खुला था। इस दौरान सीसीटीवी कैमरे में वंश के रूम में कोई आता-जाता नहीं दिखा है।
ऐसे कोई कैसे धोखा दे सकता है
वार्डन की सूचना पर पुलिस हॉस्टल पहुंची। एफएसएल टीम की निगरानी में रूम की तलाशी ली गई। यहां कॉपी का फटा पन्ना मिला। इस पर अंग्रेजी में सात-आठ लाइनें लिखी हैं। इनका हिंदी अनुवाद है- आगे मेरी जिंदगी में क्या होगा, कुछ समझ नहीं आता। ऐसे कोई कैसे धोखा दे सकता है। हालांकि, इसमें किसी की कोई गलती नहीं है। सब अच्छे हैं। पता नहीं, आगे क्या होगा। हैंड राइटिंग एक्सपर्ट्स वंश की हैंड राइटिंग का मिलान कर रहे हैं।
आर्मी स्कूल की तैयारी कर रहा था
वंश के पिता संतोष ऐशबाग में प्राइमरी स्कूल चलाते हैं। वंश से बड़ी एक बहन और छोटा एक भाई है। वंश के पिता ने कहा- बेटा एक्टिव था। पढ़ाई से लेकर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज में सक्रिय रहता था। योगा भी करता था।मंगलवार दोपहर 3:30 बजे उसने हॉस्टल से ही कॉल कर मां से बात की थी। इस दौरान किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया। बातचीत में सब कुछ नार्मल लग रहा था। उसने मुझ से भी बात की। मेरा बेटा आर्मी स्कूल में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था। साइंटिस्ट बनना चाहता था।
वंश के पिता को शक क्यों है
संतोष ने बताया कि जिस खिड़की से फंदा लगाकर सुसाइड करना बताया जा रहा है, उसकी हाइट काफी कम है। टॉवेल भी काफी मोटा था। इससे आसानी से गांठ नहीं लग सकती। मुझे शक है कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की
वंश के पिता का आरोप है कि घटना शाम करीब साढ़े सात बजे की है। हमें करीब साढ़े नौ बजे सूचना दी गई। जब अस्पताल पहुंचे तो बेटे को स्ट्रेचर पर देखा। अस्पताल वाले उसे छूने तक नहीं दे रहे थे। किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। अस्पताल वाले इलाज नहीं कर रहे थे तो हॉस्टल स्टाफ उसे दूसरे अस्पताल क्यों नहीं ले गया? जब पोस्टमार्टम हुआ, तब भी स्कूल और हॉस्टल से कोई नहीं आया।
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