CPI शिल्पा के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू होने के बाद पदस्थापना मिली - Karmchari news

शिल्पा गुप्ता (IAS), आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल का रवैया देखिए। शिक्षकों के अभ्यावेदनों का निराकरण नहीं किया जाता। जिला शिक्षा अधिकारी के पत्र पर ध्यान नहीं दिया जाता। कि यहां तक की हाई कोर्ट के आदेश का पालन भी नहीं किया जाता। सिर्फ इतना ही नहीं। हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल हो जाने के बावजूद नियम के अनुसार काम नहीं किया जाता। जब हाईकोर्ट ने दंड निर्धारित करने की कार्यवाही शुरू की तब जाकर महिला शिक्षक को नियम के अनुसार, पदस्थापना मिली। 

MP EDUCATION PORTAL के कारण ऑनलाइन चॉइस फिलिंग नहीं कर सकी 

श्रीमती सरोजिनी चौबे, शासकीय मनहर कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पन्ना, जिला पन्ना में उच्च श्रेणी शिक्षक के पद पर पदस्थ थीं/कार्यरत थीं। राज्य शासन द्वारा मध्य प्रदेश राज्य एवं अधीनस्थ शिक्षक सेवा (शाला शाखा) भर्ती तथा पदोन्नति नियम 2016 में संशोधन के अनुपालन में सीनियरिटी कम मेरिट के आधार पर उच्च पद का प्रभार दिया जाना था। चूंकि श्रीमती चौबे उच्च श्रेणी शिक्षक के पद पर कार्यरत थीं एवं अगला पदोन्नति का पद व्याख्याता है, उक्तानुसार लेक्चरर पद का प्रभार, पदस्थापना हेतु काउंसलिंग के पश्चात दिया जाना था। 

काउंसलिंग दिनांक को शासकीय मनहर कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पन्ना में व्याख्याता (जीव विज्ञान) के रिक्त पद तकनीकी त्रुटि के कारण शिक्षा पोर्टल पर अपडेट नहीं थे। दूसरे शब्दों में, मनहर कन्या में 2 पद रिक्त होने के बावजूद पोर्टल पर रिक्त प्रदर्शित नहीं हो रहे थे। परिणामस्वरूप, श्रीमती चौबे शासकीय कन्या मनहर विद्यालय में एजुकेशन पोर्टल की तकनीकी त्रुटि के कारण रिक्त पदों का चयन ऑनलाइन चॉइस फिलिंग नहीं कर सकी थीं। डीईओ ने भी कमिश्नर डीपीआई को पत्र लिखा, लेकिन न्याय नहीं मिला था। 

आयुक्त लोक शिक्षण ने समाधान नहीं किया

उपरोक्त संबंध में, जिला शिक्षा अधिकारी, पन्ना द्वारा दिनांक 15/09/2023 को आयुक्त लोक शिक्षण संस्थान को पत्र लिखकर त्रुटि की जानकारी भेजी गई थी। परंतु आयुक्त लोक शिक्षण संस्थान द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। पीड़ित होकर उच्च श्रेणी शिक्षक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर में डब्ल्यूपी दायर की गई थी। श्रीमती चौबे की ओर से उच्च न्यायालय, जबलपुर के वकील अमित चतुर्वेदी ने सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय, जबलपुर की एकल पीठ को बताया था कि एजुकेशन पोर्टल की त्रुटि के कारण याचिकाकर्ता उच्च श्रेणी शिक्षक मनहर स्कूल में व्याख्याता के पद रिक्त होने के बाद भी उच्च पद प्रभार प्रक्रिया में मनमाफिक शाला का चयन नहीं कर सकीं। उक्त संबंध में डीईओ, पन्ना द्वारा आयुक्त लोक शिक्षण को पत्र लिखकर जानकारी भी दी गई थी। 

सुनवाई के बाद कोर्ट ने विभाग की त्रुटि को माना था एवं आदेश दिया था कि एजुकेशन पोर्टल को अपडेट कर 45 दिवस के अंदर चॉइस फिलिंग की कार्यवाही करें।  

आयुक्त लोक शिक्षण, शिल्पा गुप्ता के विरुद्ध अवमानना केस

समय पर कोर्ट ऑर्डर का पालन नहीं होने पर श्रीमती चौबे द्वारा आयुक्त लोक शिक्षण, शिल्पा गुप्ता के विरुद्ध अवमानना केस दायर किया गया था। उच्च न्यायालय, जबलपुर द्वारा अवमानना की कार्यवाही शुरू कर दी गई थी। उच्च न्यायालय, जबलपुर में श्रीमती चौबे की ओर से कंटेंप्ट केस में पैरोकार वकील श्री अमित चतुर्वेदी ने आयुक्त द्वारा उच्च न्यायालय में दायर जवाब के आधार पर बताया है कि जनवरी के अंत में आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा श्रीमती चौबे की उच्च पद प्रभार की पदस्थापना मनहर कन्या उच्चतर माध्यमिक में कर दी गई है। 

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